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SIR पर सुप्रीम कोर्ट में आज अहम सुनवाई, मतदाता सूची की जांच के लिए स्वतंत्र समिति बनाने की मांग

by उर्वशी शेखर
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मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच 15 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर राजनीतिक हलकों की नजर है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और विपक्षी INDIA गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया को लेकर शीर्ष अदालत का रुख किया है। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंकाओं पर न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है।

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विपक्षी नेताओं की आपत्ति मुख्य रूप से SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाने और सूची में संशोधन करने के तरीके को लेकर है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित न होना पड़े।

सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने की मांग

याचिका में मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें तकनीकी विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग भी की गई है, ताकि सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन की प्रक्रिया की जांच की जा सके।

विपक्ष ने यह भी मांग की है कि किसी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे इसकी सूचना दी जाए और अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर मिले। हालांकि, ये याचिकाकर्ताओं की ओर से रखी गई मांगें हैं। इन पर अदालत का अंतिम रुख उसके आदेश से ही स्पष्ट होगा।

चुनाव आयोग के जवाब पर टिकी नजरें

सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग का पक्ष और सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। अदालत के समक्ष मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया, नाम हटाने के नियमों और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठ सकते हैं। SIR पर रोक लगाने या प्रक्रिया में किसी तरह के बदलाव को लेकर अदालत क्या निर्देश देती है, यह सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।

मतदाताओं के लिए क्यों अहम है SIR का मामला?

विशेष गहन पुनरीक्षण का सीधा संबंध मतदाता सूची की शुद्धता और मतदान के अधिकार से है। इसलिए मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपनी प्रविष्टियों की जांच करते रहें। नाम गायब होने या व्यक्तिगत विवरण में त्रुटि मिलने पर संबंधित निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन किया जा सकता है।

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