राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने छह राज्यों में राज्यपालों की नियुक्ति और फेरबदल किया है। इसके तहत झारखंड के पलामू से तीन बार सांसद रह चुके भाजपा नेता ब्रजमोहन राम को ओडिशा का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। किसान परिवार से आने वाले ब्रजमोहन राम विधायक और सांसद के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी नियुक्ति को झारखंड, खासकर पलामू के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ब्रजमोहन राम का जन्म 1 जनवरी 1958 को पलामू जिले के चंदवा में हुआ था। उन्होंने लोहरदगा के बीएस कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की। वर्ष 1991 में वे अविभाजित बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए और 1995 तक विधायक रहे।
वर्ष 1996 में भाजपा के टिकट पर पलामू लोकसभा सीट से जीत दर्ज कर वे पहली बार संसद पहुंचे। इसके बाद 1998 और 1999 के चुनावों में भी उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2004 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन भाजपा संगठन में उनकी सक्रियता बनी रही। वे झारखंड में पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा से जुड़ी जिम्मेदारियां भी निभा चुके हैं।
अब ओडिशा के राज्यपाल के रूप में वे संवैधानिक दायित्व संभालेंगे। उनकी नियुक्ति को उनके लंबे राजनीतिक सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
सुधा यादव, ढाल सिंह बिसेन और दुष्यंत गौतम को भी जिम्मेदारी
राज्यपालों की नई नियुक्तियों में हरियाणा की पूर्व सांसद सुधा यादव को कर्नाटक, मध्य प्रदेश के पूर्व सांसद ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड और भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाया गया है। बिसेन उत्तराखंड में गुरमीत सिंह की जगह लेंगे।
वहीं, सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर को केरल भेजा गया है। केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को तमिलनाडु की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आर्लेकर पहले से ही तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे थे।
सामाजिक समीकरणों पर भी चर्चा
इन नियुक्तियों को सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, नए राज्यपालों में दो दलित, दो पिछड़ा वर्ग और दो सामान्य वर्ग से आते हैं।
ओम प्रकाश माथुर को केरल भेजे जाने को लेकर भी राजनीतिक चर्चा है। संगठनात्मक अनुभव के लिए पहचाने जाने वाले माथुर की नियुक्ति को केरल में भाजपा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, यह राजनीतिक विश्लेषण का विषय है; राज्यपाल का पद संवैधानिक जिम्मेदारियों से जुड़ा है।
छह राज्यों में हुए इस फेरबदल के बीच ब्रजमोहन राम की नियुक्ति झारखंड के लिए खास महत्व रखती है। पलामू का तीन बार प्रतिनिधित्व कर चुके भाजपा नेता अब ओडिशा के राज्यपाल के रूप में नई जिम्मेदारी निभाएंगे।






