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पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन और उनसे जुड़े अन्य लोगों के कुल 15 परिसरों में तलाशी ली गई। मामला दुर्गा पूजा के विशेष प्रीव्यू शो के आयोजन से संबंधित है, जिसमें यूनेस्को के नाम का कथित दुरुपयोग कर लोगों से भारी रकम वसूलने का आरोप है। जांच के दायरे में करीब 50 से 60 करोड़ रुपये के वित्तीय लेनदेन होने की बात सामने आई है।
ईडी की कार्रवाई के केंद्र में महानिर्बन रोड मास आर्ट सोसाइटी (मासआर्ट) है। वर्ष 2022 में स्थापित इस संगठन से इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुछंदा सेन जुड़े हुए हैं। संगठन कोलकाता में दुर्गा पूजा शुरू होने से पहले देश-विदेश के पर्यटकों और अन्य आगंतुकों के लिए विशेष प्रीव्यू शो आयोजित करता था।
इस आयोजन के तहत चुनिंदा पूजा पंडालों के दर्शन की व्यवस्था की जाती थी। आरोप है कि कार्यक्रम को यूनेस्को से संबद्ध बताकर प्रचारित किया गया और इसके लिए महंगे टिकट तथा विशेष पास बेचे गए।
यूनेस्को के नाम पर रकम जुटाने का आरोप
मामले में दर्ज शिकायत के अनुसार, मासआर्ट ने कथित तौर पर यूनेस्को के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर अपने आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम बताया। इस पहल में कोलकाता के 24 दुर्गा पूजा पंडाल शामिल किए गए थे।
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि विशेष प्रवेश व्यवस्था के नाम पर प्रतिभागियों से हजारों रुपये तक वसूले गए। आरोप यह भी है कि संगठन ने खुद को यूनेस्को प्रायोजित इकाई के रूप में प्रस्तुत कर बड़ी रकम जुटाई, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर निजी लाभ के लिए किया गया।

बैंक खातों और करोड़ों के लेनदेन की जांच
ईडी अब संगठन के बैंक खातों और विभिन्न स्रोतों से प्राप्त धन की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह पता लगाया जा रहा है कि प्रीव्यू शो के माध्यम से जुटाई गई रकम किन लोगों और संस्थाओं तक पहुंची। जांच में 50 से 60 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय लेनदेन का मामला सामने आने की बात कही गई है।
कोलकाता पुलिस में इस साल जून में दर्ज शिकायत के आधार पर वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आया था। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू हुई।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता के इस्तेमाल पर उठे सवाल
वर्ष 2021 में यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया था। इससे इस उत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मासआर्ट ने इसी मान्यता का फायदा उठाकर अपने आयोजन को यूनेस्को से आधिकारिक रूप से जुड़ा बताया।
फिलहाल, ईडी धन के स्रोत, बैंकिंग लेनदेन और संभावित लाभार्थियों की पड़ताल कर रही है। छापेमारी और आरोपों के संबंध में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन या मासआर्ट की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी है।