ओडिशा के संबलपुर में आयोजित अग्रसेन जयंती समारोह में महाराजा अग्रसेन के सामाजिक आदर्शों और जनकल्याणकारी विचारों को याद किया गया। कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद धर्मेंद्र प्रधान और छत्तीसगढ़ शासन के दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के माध्यम से समाज में एकता, सहयोग, समानता और परोपकार की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।

महाराजा अग्रसेन के विचारों को अपनाने पर जोर
समारोह में वक्ताओं ने महाराजा अग्रसेन के जीवन और उनके विचारों को वर्तमान समाज के लिए प्रासंगिक बताया। उनके सिद्धांतों को सामाजिक सद्भाव, आपसी सहयोग और जनसेवा की प्रेरणा बताते हुए लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया गया। साथ ही समाज के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक भागीदारी और परोपकार की भावना को आवश्यक बताया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इस पहल के जरिए बच्चों का उत्साह बढ़ाने और उन्हें भविष्य में बेहतर उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। समारोह के दौरान आयोजित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया और कार्यक्रम को विशेष बनाया।

समाज के प्रबुद्धजनों के नेतृत्व में हुआ आयोजन
अग्रसेन जयंती समारोह का आयोजन संबलपुर के खेतराजपुर स्थित दुर्गा मंगलम परिसर और बस्ती के मारवाड़ी धर्मशाला में किया गया। आयोजन में अध्यक्ष राजकिशोर मोदी, महासचिव प्रतीक अग्रवाल, कोषाध्यक्ष पीयूष टिबड़ेवाल और क्षेत्र के प्रमुख समाजसेवी माधव चंद्र डालमिया सहित समाज के कई प्रबुद्धजनों की भूमिका रही।
समारोह में महाराजा अग्रसेन की शिक्षाओं को स्मरण करते हुए सामाजिक एकजुटता, सेवा और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम ने सामाजिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और समाज के विकास में सामूहिक योगदान के महत्व को भी रेखांकित किया।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






