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सौरभ ह*त्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला, मुस्कान और साहिल को फां*सी की सजा

by उर्वशी शेखर
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अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ राजपूत की हत्या की साजिश मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला ने मिलकर रची थी। मार्च 2025 में वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों ने कथित तौर पर शव को ठिकाने लगाने के बजाय उसे छिपाने की कोशिश की।

शव को नीले रंग के प्लास्टिक ड्रम में रखा गया। इसके बाद ड्रम में कंक्रीट और रेत का मलबा भरकर उसे बंद कर दिया गया, ताकि हत्या का खुलासा न हो सके। हालांकि, मामले की जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों ने आरोपियों की भूमिका को अदालत के सामने उजागर किया।

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22 से अधिक गवाहों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए। इसके अलावा वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्य भी पेश किए गए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध सबूतों पर विचार करने के बाद 30 सितंबर 2026 को मुस्कान और साहिल को हत्या तथा साक्ष्य मिटाने के अपराधों में दोषी ठहराया था।

इसके बाद सजा के निर्धारण की प्रक्रिया पूरी करते हुए अदालत ने दोनों को मौत की सजा सुनाई। न्यायालय ने अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए कठोरतम दंड निर्धारित किया।

फैसले के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम

फैसले के मद्देनजर अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई थी। निर्णय सुनाए जाने के बाद मृतक सौरभ राजपूत के परिजनों ने संतोष जताया। परिवार के मुताबिक, अदालत के फैसले से उन्हें न्याय मिलने का भरोसा मजबूत हुआ है।

इस बहुचर्चित हत्याकांड में मृत्युदंड का फैसला आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण होंगी।

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