मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त के फैसलों को चुनौती देने वाली राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं की याचिका सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक रूप से दर्ज हो गई है। रजिस्ट्री की ओर से बताई गई तकनीकी खामियां दूर होने के बाद याचिका को रिट पिटीशन नंबर आवंटित किया गया है। फिलहाल सुनवाई की संभावित तारीख 26 अक्टूबर है, लेकिन वकील जल्द सुनवाई की मांग करते हैं तो मामला इससे पहले भी सूचीबद्ध हो सकता है।

दशहरा अवकाश के बाद 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में कामकाज दोबारा शुरू होगा। हालांकि, अदालत 16 अक्टूबर तक खुली है, इसलिए इसी सप्ताह सुनवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
13 हुए याचिकाकर्ता, रजिस्ट्री की 14 आपत्तियां दूर
अदालत के रिकॉर्ड में VCK संस्थापक टी. थिरुमावलवन और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता सज्जाद अहमद किचलू के नाम भी जोड़े गए हैं। इनके शामिल होने से याचिकाकर्ताओं की संख्या 13 हो गई है।
विपक्षी नेताओं ने 12 अक्टूबर को याचिका दाखिल की थी। रजिस्ट्री ने इसमें 14 कमियां बताई थीं, जिनमें प्रतिवादियों के नाम में त्रुटियां, पुराने फैसले की प्रति और कुछ याचिकाकर्ताओं के वकालतनामे का अभाव शामिल था। इसके अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे के पहचान पत्र की अस्पष्ट प्रति, 220 रुपये कम कोर्ट फीस और दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी खामियां भी सामने आई थीं। ये आपत्तियां 13 अक्टूबर को दूर कर दी गईं।
देशभर में SIR रोकने की मांग
याचिका में आरोप लगाया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य चुनाव आयुक्तों की जानकारी, सहमति और मंजूरी के बिना एकतरफा फैसले लिए। विपक्षी नेताओं ने SIR लागू करने से जुड़ी फाइलें, नोटिंग और आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। साथ ही, मामले की सुनवाई पूरी होने तक देशभर में इस प्रक्रिया पर रोक लगाने का अनुरोध किया है।
ओवैसी ने भी दी चुनौती
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अदालत ने उनके वकील से ऐसे लंबित मामलों की सूची मांगी है, जिनमें समान मुद्दे उठाए गए हैं।अब इन याचिकाओं पर आगे की कार्रवाई और सुनवाई की तारीख को लेकर अदालत के फैसले पर नजर है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






