अंकिता भंडारी के माता-पिता को दिल्ली के इंडिया गेट से हिरासत में लिए जाने के मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पीड़ित परिवार की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने भरोसा दिलाया कि कांग्रेस न्याय मिलने तक अंकिता के परिवार के साथ खड़ी रहेगी।

राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि अंकिता के माता-पिता बुधवार को उनसे और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी से मिले थे। परिवार की मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त न किया जाए।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले ही नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है, जबकि न्याय की मांग कर रहे माता-पिता को तड़के करीब चार बजे हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने इसे पीड़ितों की आवाज दबाने और सवाल उठाने वालों को चुप कराने की कोशिश बताया।
बाद में रिहा किए गए अंकिता के माता-पिता
पुलिस ने गुरुवार सुबह इंडिया गेट पर मौजूद अंकिता भंडारी के माता-पिता और कांग्रेस के कई नेताओं को हिरासत में लिया था। हालांकि, बाद में सभी को रिहा कर दिया गया।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अब अंकिता के माता-पिता सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की राज्यपाल पद पर नियुक्ति रोकने की मांग कर रहे हैं।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






