गुजरात के सूरत में पशुओं के लिए बने लिवर टॉनिक को छोटी बोतलों में भरकर बच्चों की दवा के रूप में बेचने का मामला सामने आया है। सूरत पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) और खाद्य एवं औषधि विभाग ने गोपीपुरा के मोमनाबाद रोड स्थित शांतिनाथ मेडिकल स्टोर पर छापा मारकर संचालक मोहम्मद साजिद इब्राहिम मुल्ला को गिरफ्तार किया।

जांच के अनुसार, आरोपी घोड़ों, गायों, भैंसों और बैलों के लिए इस्तेमाल होने वाले ‘लिव. 52 प्रोटेक लिक्विड एनिमल फीड सप्लीमेंट’ को बड़े पैक से निकालकर 100 एमएल की बोतलों में भरता था। इन पर कथित तौर पर मानव उपयोग की दवा से मिलते-जुलते नकली लेबल लगाकर बाजार में बेचा जाता था। पुलिस को करीब एक हजार बोतलें बेचे जाने का संदेह है।
पुलिस के मुताबिक, पशु टॉनिक के एक लीटर पैक की कीमत करीब 330 रुपये है, जबकि मानव उपयोग के लिए बेचे जाने वाले 60 एमएल ‘लिव. 52 ड्रॉप्स’ की एमआरपी 160 रुपये है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कीमतों के इस अंतर का फायदा उठाकर अवैध मुनाफा कमाया गया।
पुलिस का कहना है कि यह गतिविधि करीब एक साल से चल रही हो सकती है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि उत्पाद किन क्षेत्रों में बेचा गया और इसमें अन्य मेडिकल स्टोर, अस्पतालों या क्लीनिकों की कोई भूमिका थी या नहीं।
जांच में यह भी सामने आया कि शांतिनाथ मेडिकल स्टोर करीब 20 साल पुराना है, जबकि उसका संचालन लाइसेंस हाल में जारी होने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि दुकान आरोपी की बेटी के फार्मासिस्ट लाइसेंस के आधार पर चल रही थी। पुलिस लाइसेंस और परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
अधिकारियों के अनुसार, पशुओं के लिए बने उत्पाद को बिना मानव उपयोग की नियामकीय मंजूरी और गुणवत्ता जांच के इंसानों, खासकर बच्चों को देना स्वास्थ्य के लिए गंभीर रूप से जोखिमपूर्ण हो सकता है। उत्पाद की प्रकृति और कथित फर्जी पैकेजिंग की जांच जारी है।
मोहम्मद साजिद मुल्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 123, 125, 336(2), 336(3), 336(4) और 278 सहित अन्य प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस कथित फर्जीवाड़े के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






