राजधानी के व्यस्त बिरसा चौक पर यातायात का दबाव कम करने के लिए पुराने रेलवे ओवरब्रिज के समानांतर नया पुल बनाया जा रहा है। करीब 20 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को पूरा करने की समयसीमा जून 2026 से बढ़ाकर मार्च 2027 कर दी गई है। नया आरओबी चालू होने के बाद एचईसी, धुर्वा, विधानसभा, हटिया रेलवे स्टेशन और डिबडीह की ओर आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे के अनुसार, वर्ष 2024 में शुरू हुए इस निर्माण कार्य में रास्ते में आने वाली चट्टानों के कारण भी चुनौतियां आईं। इन्हें बड़ी मशीनों की मदद से काटकर निर्माण आगे बढ़ाया गया। अब संशोधित समयसीमा के तहत पुल को मार्च 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है।
55 मीटर लंबा और 18.3 मीटर चौड़ा होगा पुल
नए ओवरब्रिज की लंबाई करीब 55 मीटर और चौड़ाई 18.3 मीटर होगी। इसकी संरचना तैयार करते समय भविष्य में रेल पटरियों के विस्तार की जरूरतों का भी ध्यान रखा गया है। फिलहाल पुल के नीचे दो मुख्य रेललाइन हैं, लेकिन आगे चलकर दो शंटिंग लाइन और दोनों ओर एक-एक अतिरिक्त रेललाइन बिछाने की योजना है। इसके बाद यहां कुल छह रेल ट्रैक हो सकेंगे।
पुराने पुल पर घटेगा वाहनों का दबाव
बिरसा चौक से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन एचईसी, विधानसभा, सचिवालय, धुर्वा और हटिया रेलवे स्टेशन समेत आसपास के इलाकों की ओर गुजरते हैं। व्यस्त समय में वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण पुराने ओवरब्रिज और उसके आसपास जाम की स्थिति बन जाती है।
नया पुल शुरू होने से इस मार्ग पर यातायात के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा। इससे वाहनों का दबाव बांटने और आवागमन सुगम बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जाम से कितनी राहत मिलेगी, यह पुल के चालू होने के बाद यातायात व्यवस्था और वाहनों की आवाजाही पर निर्भर करेगा।









