जमशेदपुर के बिष्टुपुर में सोमवार को भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार टकराव हो गया। कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय के बाहर शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते मारपीट और पत्थरबाजी में बदल गया। घटना में दोनों दलों के एक दर्जन से अधिक कार्यकर्ताओं के घायल होने की सूचना है। घायलों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार और कांग्रेस के एक उपाध्यक्ष भी शामिल बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, भाजपा जमशेदपुर महानगर महिला मोर्चा ने 12 अक्टूबर को कांग्रेस मुख्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की थी। यह प्रदर्शन दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े छात्राओं के कथित यौन उत्पीड़न मामले को लेकर किया गया था। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मणिपुर से कांग्रेस सांसद एवं पूर्व प्रोफेसर डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोईजाम के खिलाफ कार्रवाई, गिरफ्तारी और बर्खास्तगी की मांग उठाई।
निर्धारित कार्यक्रम के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं को सुबह 11:30 बजे बिष्टुपुर के जी टाउन क्लब मैदान में जुटना था। यहां से कार्यकर्ताओं ने मार्च शुरू किया और कांग्रेस मुख्यालय तिलक पुस्तकालय की ओर बढ़े।
नारेबाजी के बाद बढ़ा विवाद, दोनों पक्षों में पथराव
भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस कार्यालय के पास पहुंचने पर कांग्रेस समर्थकों ने विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस होने लगी। कुछ ही देर में विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट के साथ पत्थरबाजी शुरू हो गई।
अचानक हुई इस भिड़ंत से घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पथराव में कई कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। कुछ लोगों के सिर में गंभीर चोट लगने की सूचना है।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार समेत कई लोग घायल
घटना में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार और कांग्रेस के एक उपाध्यक्ष सहित 10 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, घायलों की कुल संख्या और उनकी स्थिति की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और पत्थरबाजी पहले किस पक्ष की ओर से की गई। पुलिस की कार्रवाई और मामले में आगे की स्थिति को लेकर भी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
जेएनयू से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान हुई इस घटना ने जमशेदपुर में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनाव को बढ़ा दिया है।






