भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सनी टोप्पो ने बुधवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में औपचारिक रूप से जिम्मेदारी संभाल ली। उनके पदभार ग्रहण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पार्टी कार्यकर्ता पहुंचे। पारंपरिक ढोल-मांदर की धुन के बीच कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान बिरसा मुंडा, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद वंदे मातरम का सामूहिक गायन हुआ। झारखंड के मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने पारंपरिक रीति से सनी टोप्पो को आशीर्वाद दिया।
समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इनमें बाबूलाल मरांडी, समीर उरांव, करमवीर सिंह, सुदर्शन भगत, सुनील सोरेन, रामकुमार पहान, गंगोत्री खुजूर, बालमुकुंद सहाय और मुनेश्वर साहू समेत अन्य नेता शामिल थे।

34 जनजातियों को साथ लाने पर जोर
नयी जिम्मेदारी संभालने के बाद सनी टोप्पो ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व उनके लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने राज्य में मौजूद सभी 34 जनजातियों को एक मंच पर लाकर उनके विकास से जुड़े विषयों पर काम करने की बात कही।
उन्होंने आदिवासी समाज से जुड़े जल, जंगल और जमीन के सवालों को संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी संगठन को बूथ स्तर से लेकर मंडल, जिला और प्रदेश स्तर तक मजबूत करने पर जोर दिया।
वरिष्ठ नेताओं ने भी रखी अपनी बात
कार्यक्रम में बाबूलाल मरांडी ने भाजपा को आदिवासी समाज के सम्मान और हितों से जुड़ी पार्टी बताया। उन्होंने हेमंत सोरेन सरकार पर आदिवासियों के अधिकारों तथा जमीन से जुड़े विषयों को लेकर आरोप लगाए।

समीर उरांव ने केंद्र सरकार की ओर से संचालित जनजातीय कल्याण योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूत करने की आवश्यकता बतायी।
वहीं, करमवीर सिंह ने नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष से सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर संगठन को आगे बढ़ाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नयी जिम्मेदारी के लिए सनी टोप्पो को शुभकामनाएं दीं।