Home » वेटरनरी डॉक्टरों को झारखंड हाईकोर्ट से झटका, 65 साल की रिटायरमेंट पर लगी रोक

वेटरनरी डॉक्टरों को झारखंड हाईकोर्ट से झटका, 65 साल की रिटायरमेंट पर लगी रोक

by उर्वशी शेखर
0 comments

झारखंड में पशु चिकित्सकों को करियर प्रोग्रेशन और सेवानिवृत्ति की उम्र में बढ़ोतरी का लाभ देने से जुड़े मामले में राज्य सरकार को राहत मिली है। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ के उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें वेटरनरी डॉक्टरों को एलोपैथिक चिकित्सकों के समान डीएसीपी (डाइनेमिक एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन) का लाभ देने और रिटायरमेंट की उम्र 60 से बढ़ाकर 65 वर्ष करने का निर्देश दिया गया था।

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता रोहित राय और अन्य अधिवक्ताओं ने पक्ष रखा। सरकार ने दलील दी कि कर्मचारियों की सेवा शर्तों और सुविधाओं से जुड़े नीतिगत फैसले लेना कार्यपालिका का अधिकार है। ऐसे मामलों में न्यायालय को सरकार की नीतिगत निर्णय प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। इन दलीलों के बाद खंडपीठ ने एकल पीठ के आदेश के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3
Advertisement 4
Advertisement 5
Advertisement 5
Advertisement 5
Advertisement 5

2024 में एकल पीठ ने दिया था आदेश

इस विवाद की शुरुआत डॉ. मृत्युंजय कुमार और अन्य की याचिका से हुई थी। 26 नवंबर 2024 को जस्टिस दीपक रोशन की एकल पीठ ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पशु चिकित्सकों को एलोपैथिक डॉक्टरों के समान डीएसीपी और 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु का लाभ देने का निर्देश दिया था।

राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए लेटर्स पेटेंट अपील (एलपीए) दाखिल की थी। अब खंडपीठ के अंतरिम आदेश से सरकार को राहत मिली है। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही इस विवाद पर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।

You may also like

Leave a Comment