हजारीबाग की पकरी बरवाडीह कोयला खनन परियोजना में हुए हंगामे से जुड़े मामले में झारखंड के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने हाईकोर्ट से अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले ली है। इससे पहले हजारीबाग की सेशन कोर्ट उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी थी। इसके बाद उन्होंने राहत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

मामला 28 जनवरी 2026 का है। आरोप है कि योगेंद्र साव 70 से 80 लोगों के साथ पकरी बरवाडीह के प्रतिबंधित खनन क्षेत्र में जबरन दाखिल हुए थे। इस दौरान हंगामा करने और खनन कार्य में बाधा डालने की बात भी कही गई है। NTPC प्रबंधन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने ब्लास्टिंग वाल्व नीचे खींच दिए और कोयले की लूटपाट भी की।
कंपनी के अनुसार, घटना के कारण करीब छह घंटे तक खनन और कोयला परिवहन प्रभावित रहा। इस दौरान लगभग 5 हजार टन कोयले का उत्खनन नहीं हो सका। NTPC ने इस पूरे घटनाक्रम से करीब 1.20 करोड़ रुपये के आर्थिक नुकसान का दावा किया है।
सेशन कोर्ट से अग्रिम जमानत नहीं मिलने के बाद योगेंद्र साव ने हाईकोर्ट में गुहार लगाई थी। हालांकि, अब उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली है।









