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दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन, ACP मनस्वी वशिष्ठ निलंबित

by उर्वशी शेखर
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दिल्ली पुलिस में अधिकारियों के तबादले को लेकर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पूर्वी दिल्ली के शाहदरा थाने में वकीलों के साथ हुए विवाद के बाद ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार के तबादले के विरोध में सोमवार को करीब 100 पुलिसकर्मी दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने दोनों अधिकारियों के तबादले रद्द करने और पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार से मुलाकात कराने की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाली ACP मनस्वी वशिष्ठ को बाद में निलंबित कर दिया गया।

प्रदर्शन में शामिल अधिकांश पुलिसकर्मी उत्तर-पूर्वी जिले से थे। उनके हाथों में ऐसे पोस्टर और तख्तियां थीं, जिनमें दोनों अधिकारियों को वापस पुरानी जिम्मेदारी देने की मांग की गई थी। पुलिस मुख्यालय के बाहर पहले से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सहकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यालय के गेट पर रोकने की कोशिश की, लेकिन बाद में कुछ प्रदर्शनकारी परिसर के भीतर पहुंचकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें अनुशासन बनाए रखने की नसीहत दी।

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वकीलों से विवाद के बाद हुआ था तबादला

पूरा विवाद शाहदरा थाने में वकील ललित बंसल पर कथित हमले के मामले से जुड़ा है। बताया गया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंचे वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच टकराव हुआ था। वकीलों ने आरोप लगाया था कि ACP मनस्वी वशिष्ठ और SHO अरुण कुमार ने उन्हें धमकाया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर उनके सामने भरी हुई रिवॉल्वर लहराने का आरोप भी लगाया गया था।

इसके विरोध में वकीलों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी थी। बाद में दोनों पुलिस अधिकारियों के तबादले की घोषणा के बाद वकीलों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी। हालांकि, इस कार्रवाई से पुलिस विभाग के एक वर्ग में नाराजगी फैल गई और सोमवार को पुलिसकर्मी अपने अधिकारियों के समर्थन में मुख्यालय पहुंच गए।

पुलिसकर्मियों ने उठाई SOP बनाने की मांग

प्रदर्शन के दौरान ACP मनस्वी वशिष्ठ ने कहा कि पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर अपनी बात रखना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और ऐसे विवादों से निपटने के लिए स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाए जाने की जरूरत बताई। उनका सवाल था कि यदि पुलिसकर्मी खुद थाने में सुरक्षित महसूस नहीं करेंगे, तो आम लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित कर पाएंगे?

इस बीच, प्रदर्शन के दौरान धारा 163 लागू होने के बावजूद पुलिसकर्मियों के जुटने का मामला भी चर्चा में रहा। AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने सवाल किया कि क्या अब पुलिस अपने ही जवानों के खिलाफ FIR दर्ज करेगी? हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अब तक मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन को धारा 163 का उल्लंघन मानने या इस संबंध में FIR दर्ज किए जाने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

अब इस मामले में पुलिस आयुक्त की प्रतिक्रिया और प्रदर्शनकारी पुलिसकर्मियों की मांगों पर विभाग के अगले कदम का इंतजार है।

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