पश्चिम बंगाल पुलिस ने अंतरराज्यीय चोरी के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए साहिबगंज जिले के बरहरवा रेलवे स्टेशन से हसन चिकना नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। ईटाहार थाना पुलिस के अनुसार, आरोपी कथित तौर पर कई राज्यों में सोना चोरी की घटनाओं से जुड़े गिरोह का प्रमुख सदस्य बताया जा रहा है और वह ईटाहार थाना कांड संख्या 339/26 में वांछित था।
पुलिस को सूचना मिली थी कि रांची से चोरी किए गए सोने की कथित डिलीवरी के बाद आरोपी ट्रेन से अपने घर की ओर लौट रहा है। इसी इनपुट के आधार पर ईटाहार पुलिस ने बरहरवा रेलवे स्टेशन को निगरानी में लिया। इंस्पेक्टर अभिषेक साह के नेतृत्व में करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में स्टेशन परिसर में तैनात किए गए थे।
बताया जाता है कि ट्रेन से उतरने के बाद आरोपी की नजर पुलिस टीम पर पड़ी और उसे कार्रवाई का अंदेशा हो गया। इसके बाद उसने स्टेशन परिसर से निकलकर भागने की कोशिश की, लेकिन पहले से तैनात पुलिसकर्मियों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
सोने की बरामदगी पर अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी
पुलिस सूत्रों के हवाले से आरोपी के पास से करीब 5 से 7 किलो सोना मिलने की बात सामने आई है। हालांकि, पुलिस ने अभी बरामद धातु की सटीक मात्रा, उसकी शुद्धता और बाजार मूल्य की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जांच पूरी होने के बाद बरामदगी से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बरहरवा जीआरपी थाना ले जाया गया। वहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ईटाहार पुलिस उसे पश्चिम बंगाल ले गई।
कई राज्यों में चोरी के मामलों से जुड़े होने का दावा
बरहरवा जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक, हसन चिकना ईटाहार थाने में दर्ज कांड संख्या 339/26 में पुलिस की तलाश सूची में था। उसकी मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद ईटाहार पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय कर स्टेशन पर कार्रवाई की।
जांच एजेंसियों को साहिबगंज के बरहरवा थाना क्षेत्र के माधवापाड़ा और राधानगर थाना क्षेत्र के पियारपुर समेत कुछ अन्य इलाकों में भी आरोपी के संभावित ठिकानों की जानकारी मिली है। हालांकि, इन स्थानों और अन्य राज्यों में हुई चोरी की घटनाओं में उसकी भूमिका की पुष्टि संबंधित मामलों की प्राथमिकी और जांच के आधार पर ही होगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस कथित तौर पर बरामद सोने के स्रोत, रांची में हुई चोरी और उसकी डिलीवरी, साथ ही चोरी के नेटवर्क में शामिल अन्य संदिग्धों तक पहुंचने पर है।