जमशेदपुर में 734 करोड़ रुपये के कथित फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। गुरुवार देर रात हिरासत में लेने के बाद दोनों का एमजीएम अस्पताल में मेडिकल कराया गया, जिसके बाद ईडी उन्हें लेकर रांची रवाना हो गई।
इससे पहले ईडी ने बिष्टुपुर स्थित ज्ञानचंद जायसवाल के आवास और कार्यालय समेत कई परिसरों में तलाशी ली। उनके अकाउंटेंट संजय पारेख से जुड़े ठिकाने की भी जांच हुई। कार्रवाई में 50 से अधिक अधिकारी शामिल रहे, जबकि सुरक्षा के लिए सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए थे। टीम ने दस्तावेजों के साथ कंप्यूटर, लैपटॉप, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की।
ईडी की कार्रवाई जमशेदपुर के अलावा देवघर और कोलकाता में भी हुई। एजेंसी के अनुसार, संबंधित लोगों को पूछताछ के लिए समन भेजे गए थे और उपस्थित नहीं होने के बाद तलाशी की कार्रवाई की गई।

135 शेल कंपनियों के नेटवर्क की जांच
जांच का केंद्र 135 कथित शेल कंपनियों का नेटवर्क है। आरोप है कि इनके जरिए करीब 500 करोड़ रुपये के फर्जी चालान तैयार कर 734 करोड़ रुपये का अवैध ITC हासिल किया गया। मामले का खुलासा DGGI, जमशेदपुर की जांच में हुआ था, जिसके बाद ईडी ने जांच संभाली।
ईडी पहले भी ज्ञानचंद जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई कर चुकी है। जांच में 29 लाख रुपये नकद और कथित फर्जी कंपनियों के खातों में जमा करीब 63 लाख रुपये जब्त किए जाने के साथ अन्य रकम फ्रीज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इधर, एमजीएम अस्पताल में ज्ञानचंद जायसवाल ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने ब्लड प्रेशर बढ़ने और दवा नहीं मिलने की शिकायत भी की।