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राजधानी में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और पुलिस की मौजूदगी को मजबूत करने के लिए रांची पुलिस ने टाइगर मोबाइल की कार्यप्रणाली में कई अहम बदलाव करने का फैसला लिया है। अब टाइगर मोबाइल के जवान सिर्फ नियमित पेट्रोलिंग तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि संवेदनशील इलाकों की निगरानी, संदिग्धों की पहचान और अपराध की रोकथाम में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
इस संबंध में गुरुवार को पुलिस लाइन में एसएसपी राकेश रंजन की अध्यक्षता में टाइगर मोबाइल के पदाधिकारियों और जवानों के साथ बैठक हुई। इसमें सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी, ट्रैफिक एसपी, विभिन्न डीएसपी और थाना प्रभारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शहर में गश्ती की मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उसे अधिक प्रभावी बनाने को लेकर दिशा-निर्देश दिए गए।
संवेदनशील इलाकों में बढ़ेगी निगरानी
नई व्यवस्था के तहत टाइगर मोबाइल की पेट्रोलिंग का दायरा बढ़ाया जाएगा। बैंक, एटीएम, आभूषण की दुकानें, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल समेत ऐसे सभी स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां आम लोगों की आवाजाही अधिक होती है और आपराधिक घटनाओं की आशंका रहती है।
जवानों को इन इलाकों में नियमित और सघन गश्त करने के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखने को कहा गया है। पुलिस का उद्देश्य चोरी, लूट, छिनतई और अन्य अपराधों की संभावनाओं को घटना से पहले ही कम करना है।

पूर्व अपराधियों और संदिग्धों का होगा सत्यापन
रांची पुलिस ने निगरानी व्यवस्था को केवल सड़कों पर पेट्रोलिंग तक सीमित नहीं रखने का फैसला किया है। आर्म्स एक्ट, चोरी, एनडीपीएस, अवैध शराब, चेन और मोबाइल स्नैचिंग तथा ड्रग्स की तस्करी जैसे मामलों में पहले शामिल रहे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
टाइगर मोबाइल के जवानों को स्थानीय स्तर पर ऐसे लोगों के बारे में जानकारी जुटाने और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े इनपुट पुलिस तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी दी गई है। सूचना की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
QR कोड बताएगा, कहां पहुंची पुलिस
गश्ती की निगरानी के लिए रांची पुलिस तकनीक का भी इस्तेमाल कर रही है। थाना क्षेत्रों में चिन्हित महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर QR कोड लगाए गए हैं। पेट्रोलिंग के दौरान टाइगर मोबाइल के जवान इन कोड को स्कैन करेंगे।
इससे पुलिस अधिकारियों को यह ट्रैक करने में मदद मिलेगी कि गश्ती दल निर्धारित स्थानों तक पहुंचा या नहीं। व्यवस्था का मकसद पेट्रोलिंग को अधिक नियमित, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाना है।
जवानों की फायरिंग क्षमता भी होगी मजबूत
बैठक में टाइगर मोबाइल के जवानों की आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर भी चर्चा हुई। सभी संबंधित पदाधिकारियों और कर्मियों को छोटे हथियारों के साथ फायरिंग अभ्यास कराने का निर्देश दिया गया है। पुलिस का लक्ष्य ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करना और जरूरत पड़ने पर जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाना है।
थानेदार तय करेंगे क्षेत्र और ड्यूटी
नई व्यवस्था में थाना प्रभारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी। उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में तैनात टाइगर मोबाइल टीम की गतिविधियों की लगातार समीक्षा करनी होगी। इलाके की संवेदनशीलता और जरूरत के आधार पर जवानों के क्षेत्र, जिम्मेदारियां और ड्यूटी का समय तय किया जाएगा।
इससे संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और गश्ती में किसी तरह की कमी को दूर करने की कोशिश की जाएगी।
तीन साल से ज्यादा पुरानी तैनाती बदलेगी
टाइगर मोबाइल की तैनाती में रोटेशन व्यवस्था लागू करने का भी निर्णय लिया गया है। जिन पदाधिकारियों और जवानों को इस जिम्मेदारी में तीन साल से अधिक हो चुके हैं, उनका स्थानांतरण किया जाएगा। उनकी जगह नए कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान या व्यवस्था में काम करने के बाद बदलाव से निगरानी तंत्र को अधिक सक्रिय बनाया जा सकता है। नए जवानों की तैनाती से पेट्रोलिंग व्यवस्था में नई ऊर्जा और प्रभावशीलता लाने की कोशिश होगी।
अपराध से पहले रोकथाम पर जोर
रांची पुलिस की नई रणनीति का मुख्य फोकस अपराध होने के बाद कार्रवाई के बजाय अपराध की संभावनाओं को पहले ही रोकना है। एसएसपी ने टाइगर मोबाइल के जवानों को सक्रिय पुलिसिंग, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और आम नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।