लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार शाम चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। दिल्ली में वोट चोरी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। राहुल ने दावा किया कि विपक्ष इस कथित चुनावी अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाएगा।

प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने उन्हें ‘मोगैंबो मोदी’ करार दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि वे डरें नहीं, अपने सवाल पूछते रहें और जिन मुद्दों पर विश्वास करते हैं, उनके लिए मजबूती से खड़े हों।
राहुल गांधी ने दिल्ली के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहां पुलिस ने छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग किया और इंटरनेट सेवाएं बाधित की गईं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगाए।
तमिलनाडु की भाषा और संस्कृति का मुद्दा
चेन्नई में अपने संबोधन की शुरुआत राहुल गांधी ने तमिलनाडु की बौद्धिक परंपरा का जिक्र करते हुए की। पेरियार और तिरुवल्लुवर के विचारों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि छात्रों को हर बात को बिना सवाल किए स्वीकार करने के बजाय उसका विश्लेषण करना चाहिए।
उन्होंने केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि NEP और तीन भाषा के फॉर्मूले के जरिए तमिलनाडु पर हिंदी थोपने की कोशिश हो रही है। राहुल ने दावा किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े विवाद के बीच राज्य के स्कूलों के करीब 3,300 करोड़ रुपये रोके गए हैं।
NEET को लेकर उन्होंने कहा कि तमिल माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों की MBBS सीटों में हिस्सेदारी में 87 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, राज्य विश्वविद्यालयों में कुलपतियों की नियुक्ति और राज्यपाल की भूमिका पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
परिसीमन को लेकर भी केंद्र पर निशाना
राहुल गांधी ने परिसीमन के मुद्दे पर कहा कि इससे तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और राष्ट्रीय स्तर पर उसकी आवाज प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की राजनीति में डर, नफरत और विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि तमिलनाडु की भाषा, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों से लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस उनके साथ खड़ी है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






