उत्तर प्रदेश में राज्यसभा की 10 रिक्त सीटों के लिए 16 अक्टूबर को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी ने 5 अक्टूबर को अपने आठ उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है।
उम्मीदवारों के चयन से पहले भाजपा के प्रदेश कोर ग्रुप ने केंद्रीय नेतृत्व के पास करीब 24 संभावित नामों का पैनल भेजा था। अंतिम सूची तैयार करते समय पार्टी ने आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों की राजनीतिक रणनीति को भी ध्यान में रखा है।
सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश
भाजपा की घोषित सूची में प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास नजर आ रहा है। पार्टी ने ब्राह्मण, ठाकुर, ओबीसी और अनुसूचित जाति वर्ग के बीच संतुलन बनाने की रणनीति अपनाई है। माना जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों का चयन आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से भी जुड़ा हुआ है।

6 अक्टूबर तक नामांकन का मौका
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर निर्धारित है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नाम वापस ले सकेंगे। इसके बाद 16 अक्टूबर को मतदान कराया जाएगा और उसी दिन मतगणना भी होगी।