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टंडवा टेरर फंडिंग मामले में 7 दोषियों को झारखंड हाईकोर्ट से राहत

by उर्वशी शेखर
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चतरा जिले की मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने सात दोषियों को जमानत दे दी है। अदालत ने यह राहत सजा की आधी से अधिक अवधि जेल में बिताने के आधार पर दी। जमानत पाने वालों में विनोद कुमार गंझू, विद्वेश्वर गंझू उर्फ बिंदु गंझू, बीरबल गंझू, भीखन गंझू, अमर सिंह भोक्ता, प्रेम विकास उर्फ मंटू सिंह और अनिरुद्ध गंझू शामिल हैं।

रांची की NIA विशेष अदालत ने 18 अगस्त को इस मामले में 12 दोषियों को आठ से दस साल तक की कैद और 40 हजार से 90 हजार रुपये तक के जुर्माने की सजा सुनाई थी। फैसले को चुनौती देने के साथ दोषियों ने जेल में बिताई गई अवधि का हवाला देकर हाईकोर्ट से जमानत मांगी थी।

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TPC को लेवी के पैसे देने का आरोप

NIA ने 13 फरवरी 2018 को टंडवा थाने में दर्ज कांड संख्या 2/2016 की जांच अपने हाथ में ली थी। एजेंसी ने जांच के बाद 16 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया। मामला मगध और आम्रपाली कोल परियोजनाओं में कथित लेवी वसूली और उससे उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुति कमेटी (TPC) को फंडिंग किए जाने के आरोपों से जुड़ा है।

जांच एजेंसी के अनुसार, कोयला ढुलाई के ठेके ऊंची दरों पर हासिल करने और लेवी वसूली के जरिए उग्रवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने की कथित साजिश की भी जांच की गई थी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने से सात दोषियों को राहत मिली है, हालांकि इससे उनकी सजा स्वतः समाप्त नहीं होती।

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