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SIR पर स्वतंत्र आयोग की पहली सुनवाई कल, पूर्व जजों की टीम दर्ज करेगी शिकायतें

by उर्वशी शेखर
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मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़ी शिकायतों और मतदाताओं की परेशानियों की जांच के लिए गठित स्वतंत्र आयोग 15 अक्टूबर को अपनी पहली सार्वजनिक जनसुनवाई करेगा। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मदन लोकुर की अध्यक्षता में गठित यह आयोग मतदाताओं के बयान दर्ज करने और पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने की दिशा में काम करेगा।

यह जनसुनवाई देश के विभिन्न हिस्सों में प्रस्तावित सुनवाई की श्रृंखला की पहली कड़ी होगी। इसके माध्यम से प्रभावित मतदाताओं को अपनी शिकायतें रखने का अवसर मिलेगा, ताकि उनकी समस्याओं और अनुभवों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जा सके।

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आयोग में शामिल हैं कई पूर्व न्यायाधीश

इस स्वतंत्र आयोग में न्यायपालिका के अनुभवी पूर्व न्यायाधीशों को शामिल किया गया है। इसकी अध्यक्षता जस्टिस मदन लोकुर करेंगे। अन्य सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस ए.के. पटनायक, जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस बदर दुर्रेज अहमद, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रेखा शर्मा और पटना हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस अंजना प्रकाश शामिल हैं।

चुनाव आयोग को भेजा गया औपचारिक नोटिस

मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता से जुड़े सवालों को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र आयोग ने भारत निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है। इसके जरिए निर्वाचन आयोग से किसी वरिष्ठ अधिकारी को नामित करने का अनुरोध किया गया है, ताकि वह जनसुनवाई की कार्यवाही में शामिल होकर अपना पक्ष रख सके।

आयोग की इस पहल का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित शिकायतों को दर्ज करना और उनसे जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक विमर्श के सामने लाना है।

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