बच्चों को मेहनत और बड़े सपने देखने की सीखबच्चों से संवाद करते हुए राज्यपाल ने उन्हें पढ़ाई के प्रति गंभीर रहने, सवाल पूछने की आदत विकसित करने और अपने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करने की सलाह दी। उन्होंने राष्ट्रपति के संघर्षपूर्ण जीवन का उदाहरण देते हुए बच्चों को कठिन परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की प्रेरणा लेने को कहा।

राज्यपाल ने कहा कि बच्चों का भविष्य केवल उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। देश के विकास के लिए जरूरी है कि हर बच्चे को बेहतर अवसर मिले और वह अपनी क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ सके।
बाल मजदूरी से दूर रखने और पोषण पर जोर
अभिभावकों से बातचीत के दौरान राज्यपाल ने बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों को बाल मजदूरी में लगाने के बजाय उनकी शिक्षा और समुचित पोषण पर ध्यान देना चाहिए। शिक्षित और स्वस्थ बच्चे ही भविष्य में समाज तथा राज्य के विकास में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों की शिक्षा और पोषण सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनीं
विद्यालयों के भ्रमण के दौरान राज्यपाल ने स्थानीय ग्रामीणों से उनकी परेशानियों और जरूरतों के बारे में भी जानकारी ली। इस संवाद के जरिए उन्होंने क्षेत्र में शिक्षा की स्थिति के साथ-साथ ग्रामीणों के सामने मौजूद चुनौतियों को समझने का प्रयास किया।






