झारखंड स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमीशन (JSERC) ने सेल-बीएसएल के बिजली वितरण कारोबार से जुड़े ट्रू-अप, एपीआर और मल्टी-ईयर टैरिफ निर्धारण के आदेश में कई निर्देशों के अनुपालन में देरी पर नाराजगी जताई है। आयोग ने वित्तीय पारदर्शिता, स्मार्ट मीटरिंग और उपभोक्ता सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए हैं।

आयोग ने बिजली वितरण कारोबार के खातों को स्वतंत्र रूप से ऑडिट योग्य बनाने और संपत्ति-वार फिक्स्ड एसेट रजिस्टर तैयार कर नियमित अपडेट करने को कहा है। साथ ही सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने में तेजी लाने तथा जिला प्रशासन और सीआईएसएफ के सहयोग से बिजली चोरी व अवैध हुकिंग के खिलाफ छापेमारी जारी रखने का निर्देश दिया है।
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए बिजली बिल सरल बनाने और अंग्रेजी के साथ स्थानीय भाषा में जारी करने को अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक बिल पर उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच का पता और संपर्क नंबर भी देना होगा।
आयोग ने अगली टैरिफ याचिका 30 नवंबर तक दाखिल करने का निर्देश देते हुए चेतावनी दी है कि समयसीमा और पूर्व निर्देशों का उल्लंघन करने पर विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।






