प्रतिबंधित आतंकी संगठन ISIS से कथित जुड़ाव के मामले में आरोपी फैजान अंसारी उर्फ फैज के खिलाफ न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। NIA के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 40वें गवाह का बयान दर्ज कराया। मामले में लगातार गवाहों को अदालत के सामने पेश किया जा रहा है और आने वाले दिनों में भी यह सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
जुलाई 2023 में हुई थी गिरफ्तारी
फैजान अंसारी के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी संगठन ISIS से कथित संबंध और उसकी विचारधारा को भारत में फैलाने की कोशिश के आरोप में कार्रवाई की थी। एजेंसी ने जुलाई 2023 में झारखंड के लोहरदगा से उसे गिरफ्तार किया था। उस समय उसकी उम्र 19 वर्ष बताई गई थी और वह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) में पढ़ाई कर रहा था।
डिजिटल माध्यमों से कट्टरपंथ फैलाने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि फैजान कथित तौर पर ISIS की हिंसक विचारधारा से प्रभावित था और इसके प्रचार में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। NIA के अनुसार, वह ISIS से संबंधित ऑनलाइन सामग्री, प्रचार वीडियो और ‘वॉयस ऑफ हिंद’ तथा ‘वॉयस ऑफ खुरासान’ जैसी पत्रिकाओं के जरिए युवाओं को प्रभावित करने का प्रयास करता था।
एजेंसी ने यह भी दावा किया था कि आरोपी ने डार्क वेब के माध्यम से विदेशों में मौजूद कुछ कथित संपर्कों से संपर्क बनाए रखा था। जांच के दौरान उसके डिजिटल उपकरणों और अन्य सामग्री की भी पड़ताल की गई।
जनवरी 2024 में NIA ने दाखिल की चार्जशीट
मामले की जांच पूरी करने के बाद NIA ने जनवरी 2024 में फैजान अंसारी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। एजेंसी के मुताबिक, जांच के दौरान उसके कब्जे से कथित तौर पर डिजिटल उपकरण, आपत्तिजनक दस्तावेज और ISIS से संबंधित प्रतीक मिले थे।
चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई अदालत में जारी है। अभियोजन पक्ष अब तक कई गवाहों को पेश कर चुका है और हालिया सुनवाई में 40वें गवाह का बयान दर्ज किया गया।
अदालत के फैसले तक आरोप साबित होना बाकी
फैजान अंसारी पर लगाए गए आरोप फिलहाल न्यायिक विचाराधीन हैं। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए जा रहे गवाहों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत आगे की सुनवाई करेगी। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला न्यायालय द्वारा पूरे साक्ष्य और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही होगा।