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बिहार भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व राज्यसभा सांसद और SIS ग्रुप के संस्थापक डॉ. रविन्द्र किशोर सिन्हा का शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। उन्होंने नोएडा स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से राजनीतिक गलियारों से लेकर उद्योग और सामाजिक क्षेत्र तक शोक का माहौल है। पत्रकारिता से अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत करने वाले आरके सिन्हा ने राजनीति और कारोबार, दोनों क्षेत्रों में उल्लेखनीय पहचान बनाई थी।
आरके सिन्हा बिहार में भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती दौर से जुड़े प्रमुख चेहरों में गिने जाते थे। संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रियता जनसंघ के समय से रही थी। बाद में उन्होंने भाजपा के साथ अपने राजनीतिक सफर को आगे बढ़ाया और लंबे समय तक पार्टी संगठन के लिए काम किया। वर्ष 2014 में वे बिहार से राज्यसभा के लिए चुने गए और 2020 तक उच्च सदन में सांसद के रूप में अपनी भूमिका निभाई।
राजनीति में आने से पहले आरके सिन्हा ने पत्रकारिता के क्षेत्र में काम किया था। इस दौरान उन्होंने अपराध और राजनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की। आगे चलकर उनका कार्यक्षेत्र विस्तृत होता गया और वे राजनीति, लेखन तथा सामाजिक गतिविधियों से भी जुड़ गए। अलग-अलग क्षेत्रों में उनकी सक्रियता ने उन्हें बिहार की प्रमुख सार्वजनिक हस्तियों में स्थान दिलाया।
पटना से शुरू किया SIS ग्रुप, अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया कारोबार
आरके सिन्हा की पहचान केवल एक राजनीतिक नेता के रूप में नहीं थी। निजी सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में भी उन्होंने बड़ा कारोबारी साम्राज्य खड़ा किया। वर्ष 1974 में उन्होंने पटना से सिक्योरिटी एंड इंटेलिजेंस सर्विसेज (SIS) की शुरुआत की थी। शुरुआती स्तर पर स्थापित यह कंपनी आगे चलकर निजी सुरक्षा और मानव संसाधन सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़े समूह के रूप में विकसित हुई।
उनके नेतृत्व में SIS ग्रुप ने भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। इस कारोबार के विस्तार से सुरक्षा सेवा क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़े। हजारों लोगों को रोजगार देने वाले इस संस्थान की स्थापना और विकास में आरके सिन्हा की अहम भूमिका रही।
अंतिम दर्शन के लिए पटना लाया जाएगा पार्थिव शरीर
डॉ. आरके सिन्हा के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए नोएडा से पटना लाने की तैयारी है। पटना के पाटलिपुत्र स्थित अन्नपूर्णा भवन में लोग उन्हें अंतिम विदाई दे सकेंगे। हालांकि, पार्थिव शरीर के पटना पहुंचने के समय और अंतिम संस्कार से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है। परिवार की ओर से कार्यक्रम की जानकारी बाद में साझा किए जाने की बात कही गई है।
राजनीतिक और कारोबारी जगत में शोक
आरके सिन्हा के निधन से भाजपा के साथ-साथ सामाजिक और कारोबारी क्षेत्र में भी शोक की लहर है। उनका जीवन पत्रकारिता, राजनीति और उद्यमिता के अलग-अलग पड़ावों से होकर गुजरा। एक ओर उन्होंने भाजपा के संगठनात्मक विकास में योगदान दिया, वहीं दूसरी ओर SIS ग्रुप की स्थापना कर निजी सुरक्षा सेवाओं के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई।
उनके निधन को बिहार के सार्वजनिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। राजनीति और उद्योग जगत में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।






