राजधानी रांची में एक रिटायर्ड प्रोफेसर के घर काम करने वाली नाबालिग घरेलू सहायिका की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए।

पुलिस के अनुसार, मृतका पिछले करीब पांच महीनों से रिटायर्ड प्रोफेसर के घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम कर रही थी। घटना के बाद घर की मालकिन ने पुलिस को बताया कि बच्ची ज्यादातर समय मोबाइल फोन पर व्यस्त रहती थी और किसी से बातचीत करती थी। इसी आधार पर प्रेम प्रसंग से जुड़े पहलू की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है।
FSL टीम ने जुटाए फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य
घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल टीम ने कमरे की जांच की और वहां से जरूरी साक्ष्य व फिंगरप्रिंट एकत्र किए। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की छानबीन कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि नाबालिग की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
सिटी डीएसपी ने बताया कि घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी गई है। उनके रांची पहुंचने के बाद बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुलिस हर पहलू की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।









