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झारखंड आंदोलनकारियों की अनदेखी पर आजसू हमलावर, 58 हजार लंबित आवेदनों का उठाया मुद्दा

by उर्वशी शेखर
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आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश कुमार महतो ने झारखंड आंदोलनकारियों को उचित सम्मान देने की मांग उठाई है। रविवार को चंदनकियारी प्रखंड के मयूरढुवी गांव में उन्होंने आंदोलनकारी लीलू, हीरू और पटल बाउरी के स्मारक की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि अलग राज्य के लिए संघर्ष करने वालों की शहादत को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। उनके योगदान और संघर्ष की जानकारी आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना जरूरी है।

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सुदेश महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलन में बाउरी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। तीनों आंदोलनकारियों को अब तक शहीद का दर्जा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनकी शहादत से जुड़ी परिस्थितियों और गोली चलाने की घटना के पीछे के इतिहास को भी सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने घोषणा की कि आजसू पार्टी इस दिशा में पहल करेगी। तीनों का 50वां शहादत दिवस व्यापक स्तर पर मनाने के साथ उनकी आदमकद प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। उन्होंने कहा कि शहीदों की विरासत किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे झारखंड की साझा धरोहर है।

मंईयां सम्मान योजना पर सरकार से पूछे सवाल

सुदेश महतो ने राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि केवल आर्थिक सहायता देकर महिला सशक्तीकरण का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के अवसर भी मिलने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की शिक्षा और रोजगार के सवालों की अनदेखी कर रही है।

मंईयां सम्मान योजना पर उन्होंने दावा किया कि नए लाभुकों के नाम नहीं जोड़े जा रहे हैं और 50 वर्ष की उम्र पूरी करने वाली महिलाओं को सूची से हटाया जा रहा है। उन्होंने इसे चुनावी रणनीति बताते हुए राज्य में बेरोजगारी, नियुक्तियों में कथित अनियमितताओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी सरकार को घेरा। युवाओं से उन्होंने अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और राज्य के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

58 हजार से अधिक आंदोलनकारियों के आवेदन लंबित

गोमिया के पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो ने आंदोलनकारियों की पहचान और उनके लंबित आवेदनों का मामला उठाया। उन्होंने दावा किया कि सत्यापन नहीं होने के कारण 58 हजार से अधिक आवेदन अब तक लंबित हैं। उन्होंने इस स्थिति को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और राज्य में भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी चिंता जताई।

उन्होंने चंदनकियारी स्थित ईएसएल प्लांट को लेकर आरोप लगाया कि इसके क्षेत्र में अब तक 250 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि पिछले एक महीने में छह लोगों की जान गई है। उन्होंने तीन गांवों की जमीन का विधिवत अधिग्रहण किए बिना उसे प्लांट में शामिल करने का भी आरोप लगाया। इन दावों पर संबंधित प्लांट प्रबंधन और प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है।

युवाओं से गांवों के विकास में भागीदारी की अपील

जुगसलाई के पूर्व विधायक रामचंद्र सहिस ने कहा कि झारखंड का इतिहास संघर्ष और बलिदान से जुड़ा है। युवाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत करने के साथ राज्य और गांवों के विकास की दिशा में भी सक्रिय होना चाहिए।

कार्यक्रम में आजसू प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश महतो, काशीनाथ सिंह, राजेश मेहता, राजेश महतो और बलराम बाउरी समेत कई नेता व स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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