रांची के बरियातू स्थित डॉ. रामेश्वर उरांव के आवास पर सुदिव्य कुमार सोनू की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई। पासवा के नेतृत्व में कांग्रेस, झामुमो और राजद के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दिवंगत पूर्व मंत्री को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद दो मिनट का मौन रखा गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
शोक सभा की अध्यक्षता करते हुए डॉ. रामेश्वर उरांव ने सुदिव्य सोनू के विधायक और मंत्री के रूप में काम करने के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सुदिव्य अपनी बात बेहद तार्किक तरीके से रखते थे। किसी सवाल का संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर भी वह संयम के साथ अपनी बात सदन के सामने रखते थे।

डॉ. उरांव ने कहा कि विधायक रहते हुए वह कई बार सुदिव्य सोनू को आशीर्वाद देते हुए कहते थे कि उन्हें राजनीति में अभी बहुत आगे जाना है। बाद में मंत्री बनने पर उन्होंने अपनी कार्यक्षमता का प्रभाव दिखाया और उनका कार्यकाल प्रभावी रहा। उन्होंने कहा कि राज्य को अभी सुदिव्य जैसे नेता की जरूरत थी। सरकार और संगठन से जुड़े कठिन मौकों पर उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे समय में उनका चले जाना झारखंड के लिए बड़ी क्षति है।
छात्र सम्मान समारोह का भी किया जिक्र
पासवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस महासचिव आलोक कुमार दूबे ने सुदिव्य सोनू के साथ हुई मुलाकात को याद किया। उन्होंने बताया कि 6 जुलाई को खेलगांव में आयोजित छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह में सुदिव्य सोनू शामिल हुए थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी देखकर उन्होंने आयोजन की सराहना की थी।
आलोक दूबे ने कहा कि सुदिव्य सोनू के पास उच्च शिक्षा और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण विभाग थे। उनके अनुसार, दोनों क्षेत्रों में कई अहम फैसलों की जरूरत थी और मंत्री के तौर पर सुदिव्य ने अपनी क्षमता के अनुरूप काम किया। उन्होंने कहा कि इतने कम समय में उनका निधन अब भी अविश्वसनीय लग रहा है और राज्य ने एक महत्वपूर्ण नेता खो दिया है।
‘सहज और संवेदनशील नेता थे सुदिव्य’
वरिष्ठ JMM नेता अंतु तिर्की ने सुदिव्य सोनू को सरल स्वभाव और संवेदनशील व्यक्तित्व वाला जननेता बताया। उन्होंने कहा कि संगठन से लेकर सरकार तक मिली जिम्मेदारियों को सुदिव्य ने पूरी गंभीरता के साथ निभाया। उनके निधन से JMM ही नहीं, बल्कि व्यापक राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र को भी नुकसान हुआ है।
RJD के प्रदेश प्रवक्ता मनोज कुमार ने कहा कि सुदिव्य सोनू का जाना महागठबंधन के लिए भी बड़ी क्षति है। उन्होंने कहा कि सुदिव्य अपनी साफ सोच, सहज व्यवहार और जनहित के मुद्दों पर सक्रियता के लिए पहचाने जाते थे। उनके निधन पर उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों और समर्थकों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि सुदिव्य सोनू ने अपने राजनीतिक जीवन में जनहित को प्राथमिकता दी। विधायक और मंत्री के रूप में उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को प्रभावी ढंग से निभाया। उनके विचार, काम करने का तरीका और आम लोगों के साथ उनका जुड़ाव लंबे समय तक याद किया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने सुदिव्य सोनू के व्यक्तित्व को बहुआयामी बताते हुए कहा कि गंभीर विषयों पर वह अपनी स्पष्ट राय रखते थे और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से सामने रखते थे। मंत्री पद पर रहते हुए भी उन्होंने अपनी प्रशासनिक और राजनीतिक क्षमता का परिचय दिया। उनके निधन से राज्य के सार्वजनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण कमी पैदा हुई है।
शोक सभा में फलक फातिमा, कुमुद रंजन, डॉ. सुषमा केरकेट्टा, ऐश्वर्या सिंह, ऋचा, अंकिता सिंह, अनुभव शंकर, ऋषु राज, अंजली कुमारी, स्वाति कुमारी, बुलबुल कुमारी, विक्रांत सहाय, आरजू शबा और अजहर समेत कांग्रेस, JMM और RJD के कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत सुदिव्य सोनू के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।