भाकपा माले की झारखंड राज्य कमिटी ने आदिवासी एकता महाजुटान रैली में की गई घोषणाओं का समर्थन करते हुए परिसीमन प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार और परिसीमन समिति से महत्वपूर्ण मांग की है। पार्टी ने कहा है कि परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने से पहले आरक्षित सीटों के संबंध में आदिवासी संगठनों की सहमति सुनिश्चित की जानी चाहिए। माले ने स्पष्ट किया कि जनसंख्या अनुपात के नाम पर आदिवासी आरक्षित सीटों का प्रतिशत घटाने या उनकी प्रभावी राजनीतिक स्थिति को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पार्टी का कहना है कि आदिवासी समुदाय के लिए आरक्षित सीटों के प्रतिशत अथवा उनकी प्रभावी संख्या में किसी भी प्रकार की कमी सामाजिक और राजनीतिक रूप से गंभीर असर डाल सकती है। यह आदिवासी समुदाय की सामाजिक-राजनीतिक स्थिति को कमजोर करने वाला कदम साबित होगा।भाकपा माले के राज्य सचिव मनोज भक्त ने केंद्र सरकार को आगाह करते हुए कहा कि आदिवासी आरक्षित सीटों के प्रतिशत या उनकी प्रभावी संख्या में कमी करने का कोई भी प्रयास झारखंड के लिए गंभीर और विनाशकारी परिणाम ला सकता है।उन्होंने मांग की कि परिसीमन प्रक्रिया में आदिवासी संगठनों और समुदाय की चिंताओं को प्राथमिकता देते हुए उनकी सहमति सुनिश्चित की जाए।