Wednesday, October 7, 2026
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झारखंड में वोटर लिस्ट की गड़बड़ियां होंगी दूर, राजनीतिक दलों को मिली बड़ी जिम्मेदारी

by उर्वशी शेखर
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झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR-2026) के तहत मतदाता सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करने और पात्र नागरिकों के नाम शामिल करने की प्रक्रिया को लेकर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने मंगलवार को निर्वाचन सदन में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों से मतदाता सूची के पुनरीक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। साथ ही राज्य के सभी मतदान केंद्रों से संबंधित नो-मैपिंग और अन्य विसंगतियों का बूथवार विवरण पेनड्राइव के माध्यम से उपलब्ध कराया गया।

बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों से कहा कि वे उपलब्ध कराए गए आंकड़ों को समय रहते अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) और बीएलए-2 तक पहुंचाएं। इससे स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की पहचान करने और सूची में दर्ज त्रुटियों को सुधारने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस प्रक्रिया में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया।

नोटिस मिलने के बाद सुनवाई में नहीं पहुंचे मतदाताओं को मिलेगा अवसर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि नो-मैपिंग और अन्य विसंगतियों के कारण जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनका मतदान केंद्रवार विवरण भी राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया है। इनमें से कई मतदाता निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) के समक्ष सुनवाई के दौरान जरूरी दस्तावेज जमा कर चुके हैं।

हालांकि, कुछ ऐसे मतदाता भी सामने आए हैं, जिनके नाम वर्ष 2024 की मतदाता सूची में दर्ज थे और जिन्होंने गणना प्रपत्र भी भरा था, लेकिन विभिन्न कारणों से नोटिस पर आयोजित सुनवाई में शामिल नहीं हो पाए। निर्वाचन विभाग अब ऐसे मतदाताओं तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाएगा।

विशेष कैंप लगाकर होगा मतदाताओं का सत्यापन

सुनवाई से अनुपस्थित रहे मतदाताओं की पहचान कर उनके लिए आउटरीच कार्यक्रम और विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित ईआरओ और अन्य निर्वाचन अधिकारी मतदाताओं की वास्तविक स्थिति की जांच भी करेंगे। सत्यापन के दौरान प्राप्त दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर नियमानुसार उनके मामलों का निपटारा किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाने के कारण किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।

के. रवि कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुनरीक्षण अभियान के दौरान विशेष परिस्थितियों वाले मतदाताओं की पहचान और सत्यापन को प्राथमिकता दी जाए। इनमें विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG), अन्य जनजातीय समुदाय, दिव्यांगजन और बुजुर्ग मतदाता शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, ऐसे नागरिकों के मामलों में भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है, जिनके पास अपने माता-पिता से संबंधित आवश्यक विवरण उपलब्ध नहीं हैं। निर्वाचन विभाग का प्रयास है कि दस्तावेजों या अन्य व्यावहारिक कठिनाइयों के कारण कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हो।

मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि एसआईआर-2026 का उद्देश्य राज्य के सभी पात्र भारतीय नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज करना और उपलब्ध रिकॉर्ड की अशुद्धियों को दूर करना है।

उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने संगठन और बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के माध्यम से ऐसे लोगों की पहचान करें, जिन्हें मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में सहायता की आवश्यकता है। साथ ही संबंधित नागरिकों को जरूरी दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराएं।

बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी धीरज कुमार ठाकुर और अवर निर्वाचन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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