राजधानी रांची के खेलगांव स्थित मेगा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में गुरुवार को 15वीं अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता-2026 की शुरुआत हुई। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने समारोह का उद्घाटन कर देशभर से पहुंचे खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया। 22 से 26 अक्टूबर तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 29 टीमें हिस्सा ले रही हैं। पांच दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में 432 खिलाड़ी तीरंदाजी के अलग-अलग मुकाबलों में अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे।

उद्घाटन समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद प्रतियोगिता पर आधारित फिल्म दिखाई गई और प्रतिभागी टीमों ने खेल भावना एवं अनुशासन बनाए रखने की शपथ ली। आयोजन के दौरान राज्यपाल ने झारखंड पुलिस को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि पुलिस देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। अपराध पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था कायम रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना पुलिस की प्रमुख जिम्मेदारियां हैं। उन्होंने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे का जिक्र करते हुए लोगों से सतर्क रहने और अनजान स्रोतों से प्राप्त एपीके फाइलों को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने की अपील की।
खेलों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि नियमित खेल गतिविधियां अनुशासन, धैर्य, एकाग्रता और परिस्थितियों के अनुसार तुरंत निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती हैं। तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाने के लिए निरंतर अभ्यास और लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है। उन्होंने झारखंड को तीरंदाजी की समृद्ध परंपरा वाला राज्य बताते हुए खिलाड़ियों से पूरे समर्पण और खेल भावना के साथ मुकाबलों में भाग लेने का आह्वान किया।
तीरंदाजी से मजबूत होती है टीम भावना: डीजीपी
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने प्रतियोगिता में शामिल होने आए खिलाड़ियों, पुलिस अधिकारियों और अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तीरंदाजी केवल निशाना साधने का खेल नहीं है, बल्कि यह एकाग्रता, आत्मसंयम और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता का भी अभ्यास कराती है। ये गुण पुलिसकर्मियों के पेशेवर जीवन में भी उपयोगी साबित होते हैं।
डीजीपी ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऐसी प्रतियोगिताएं विभिन्न राज्यों और केंद्रीय बलों के जवानों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देती हैं। साथ ही, इनके जरिए आपसी सहयोग, सौहार्द और सामूहिक भावना को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों से परिणाम की चिंता से अधिक अपने प्रदर्शन, अनुशासन और खेल भावना पर ध्यान देने की अपील की।
झारखंड सशस्त्र पुलिस की एडीजी प्रिया द्विवेदी ने बताया कि राज्य इससे पहले 2013 और 2016 में भी अखिल भारतीय पुलिस तीरंदाजी प्रतियोगिता आयोजित कर चुका है। इस वर्ष 22 से 26 अक्टूबर तक होने वाले आयोजन में देशभर की 29 टीमें भाग ले रही हैं।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के तहत रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड श्रेणियों में कुल 37 स्पर्धाएं आयोजित की जाएंगी। इनमें 432 खिलाड़ी अपने कौशल और प्रदर्शन के आधार पर प्रतिस्पर्धा करेंगे। एडीजी ने कहा कि राज्यपाल की मौजूदगी से समारोह की गरिमा बढ़ी है और खिलाड़ियों का मनोबल भी मजबूत हुआ है। उन्होंने आयोजन में सहयोग देने वाले अधिकारियों, प्रतिनिधियों और मीडिया कर्मियों के प्रति आभार जताया।
वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी रहे उपस्थित
प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में झारखंड पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें एडीजी मनोज कौशिक, आईजी पंकज कंबोज, अजय लिंडा, मयूर पटेल, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रभात कुमार, क्रांति कुमार गढ़देशी, अनूप बिरथरे, माइकल राज एस., शैलेंद्र सिन्हा और विक्रांत मिंज प्रमुख रहे।
इसके अलावा डीआईजी संजीव कुमार, कार्तिक एस., नौशाद आलम, चंदन सिन्हा, इंद्रजीत महथा और शैलेंद्र बरनवाल भी कार्यक्रम में मौजूद थे। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री और एसएसपी राकेश रंजन सहित कई आईपीएस अधिकारियों ने भी समारोह में भाग लिया। इनमें दीपक पांडेय, पूज्य प्रकाश, मनोज टोप्पो, राजकुमार मेहता, अविनाश कुमार, राजेश यादव, सुमित कुमार अग्रवाल, सौरभ कुमार, हरविंदर सिंह, ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह, सरोजनी लकड़ा और सहदेव साह शामिल रहे।






