हैदराबाद के उस्मानिया जनरल अस्पताल में सोमवार को जूनियर डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। ओपीडी में मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि पहले से निर्धारित सर्जरी के कामकाज में भी बाधा आई। उस्मानिया मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JUDA) के आह्वान पर मेडिकल छात्रों, इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों ने नियमित सेवाओं का बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारी सुबह से ही अस्पताल परिसर में जुटने लगे थे। उन्होंने उस्मानिया मेडिकल कॉलेज सहित तेलंगाना के अन्य सरकारी मेडिकल संस्थानों में बुनियादी सुविधाओं की कमी और इंफ्रास्ट्रक्चर की अनदेखी के खिलाफ नारेबाजी की। आंदोलन में एमबीबीएस के छात्र, इंटर्न, पोस्टग्रेजुएट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर शामिल रहे।
हालांकि, हड़ताल के बावजूद अस्पताल की आपातकालीन सेवाएं जारी रहीं। कैजुअल्टी विभाग में चिकित्सा कर्मियों ने मरीजों का इलाज किया। वहीं, ओपीडी और गैर-आपातकालीन सर्जरी से जुड़ी सेवाओं पर आंदोलन का असर देखने को मिला।
जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में लंबे समय से बुनियादी ढांचे से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं। इन कमियों के कारण न केवल मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराने में कठिनाई होती है, बल्कि मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
JUDA के अध्यक्ष डॉ. नरहरि चंद्रकांत रेड्डी ने कहा कि तेलंगाना के मेडिकल कॉलेजों में इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कई समस्याएं हैं। उन्होंने इन कमियों को दूर करने के लिए सरकार और संबंधित अधिकारियों से निश्चित समय-सीमा के भीतर ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई। डॉक्टरों का आंदोलन इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर शुरू किया गया है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






