Table of Contents

रांची में साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुखदेवनगर थाना और पंडरा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर कथित साइबर ठगी गिरोह का खुलासा किया है। इस दौरान 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब आठ लाख रुपये नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और बड़ी संख्या में बैंकिंग व पहचान संबंधी दस्तावेज जब्त किए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब बरामद सामान की जांच के जरिए कथित गिरोह के कामकाज और उसके नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि, साइबर ठगी के तरीके, पीड़ितों की संख्या और अपराध से जुड़ी कुल रकम के बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
नकदी से लेकर 32 ATM कार्ड तक बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को कुल 7,98,100 रुपये नकद मिले हैं। इसके अलावा अलग-अलग कंपनियों के 36 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप जब्त किया गया है। बरामदगी में 32 एटीएम कार्ड, पांच बैंक पासबुक, एक चेकबुक और 12 सिम कार्ड भी शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से पांच आधार कार्ड, आठ पैन कार्ड, तीन ड्राइविंग लाइसेंस और एक NPS PRAN कार्ड भी बरामद किया है। इतनी बड़ी संख्या में बैंकिंग और पहचान संबंधी दस्तावेज मिलने से जांच में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की पड़ताल संभव
पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और दस्तावेजों की जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर सकती है कि इनका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया जा रहा था। एटीएम कार्ड, पासबुक और सिम कार्ड के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सकती है, ताकि कथित गिरोह से जुड़े बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों का पता लगाया जा सके।
डिजिटल उपकरणों की जांच से आरोपियों के संपर्कों और साइबर गतिविधियों से जुड़े संभावित साक्ष्य सामने आने की उम्मीद है। हालांकि, बरामद सामान का इस्तेमाल ठगी में किस तरह किया गया, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
नाबालिग भी पकड़ा गया
पुलिस की कार्रवाई में 10 आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। उसके मामले में किशोर न्याय से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस के सामने कथित गिरोह के संचालन, पैसों के लेन-देन और अन्य संभावित सहयोगियों की पहचान करने की चुनौती होगी। फिलहाल, बरामद नकदी और उपकरणों की जांच के साथ मामले से जुड़े अन्य पहलुओं का पता लगाया जा रहा है।
पुलिस की इस कार्रवाई को रांची में साइबर अपराध के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, गिरोह के कथित तौर-तरीकों और ठगी की वास्तविक राशि को लेकर स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।






