रांची में वन विभाग और पुलिस की टीम ने दुर्लभ रेड सैंड बोआ सांप को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इस सांप की अंतरराष्ट्रीय अवैध वन्यजीव बाजार में भारी मांग होने की बात कही जाती है। हालांकि, इसकी कीमत को लेकर किए जाने वाले करोड़ों रुपये के दावों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।

रेड सैंड बोआ मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। वन्यजीव तस्करी के मामलों में इसका नाम सामने आता रहा है। चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के कुछ देशों में पारंपरिक चिकित्सा से जुड़ी मान्यताओं तथा लोककथाओं के कारण इस प्रजाति की मांग होने की बात कही जाती है।
अवैध वन्यजीव व्यापार में इस सांप की कीमत एक करोड़ से लेकर 25 करोड़ रुपये तक बताए जाने के दावे किए जाते हैं। हालांकि, यह कोई प्रमाणित बाजार मूल्य नहीं है। इसकी वास्तविक कीमत और रांची में सांप मिलने से जुड़े तस्करी के किसी नेटवर्क की जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
रेड सैंड बोआ का रेस्क्यू दुर्लभ वन्यजीवों की सुरक्षा और उनकी तस्करी रोकने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मामले में सांप की बरामदगी से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि होने पर तस्करी की आशंका और संबंधित गतिविधियों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।






