भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने झारखंड सरकार पर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को लेकर निशाना साधते हुए प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पार्टी सभी 24 जिलों में पदयात्रा निकालेगी और 595 मंडलों में शिक्षा व्यवस्था तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलाएगी।

प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में कार्यकर्ताओं की भागीदारी का उल्लेख करते हुए साहू ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने का प्रयास कर रही है और जनता की मेहनत की कमाई का दुरुपयोग हो रहा है। इसके विपरीत, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार जरूरतमंदों तक इन योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रही है।
रोजगार और कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल
साहू ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार देने और स्थानीय छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है। उन्होंने हत्या, महिलाओं के खिलाफ अपराध, जमीन पर अवैध कब्जे तथा कोयला, बालू और अन्य खनिजों की कथित लूट का मुद्दा भी उठाया।
एमएमडीआर से जुड़े प्रावधानों के विरोध को लेकर उन्होंने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों से राज्य के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।
पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण की मांग
साहू ने पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही चुनाव कराना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ओबीसी आरक्षण सुनिश्चित नहीं होने पर भाजपा पंचायत चुनाव का विरोध करेगी।
उन्होंने स्थानीय नीति, आरक्षण और खतियान आधारित व्यवस्था लागू करने के वादों को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उनके अनुसार, इन मुद्दों पर अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन की एकजुटता पर जोर, 2029 के चुनाव पर नजर
भाजपा में गुटबाजी की चर्चाओं को खारिज करते हुए साहू ने दावा किया कि प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में 95 प्रतिशत उपस्थिति संगठन की एकजुटता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछली चुनावी कमियों को दूर कर 2029 में सरकार बनाने की दिशा में काम करेगी। इस दौरान उन्होंने 2023 में भाजपा के नेतृत्व को मिले 69 लाख वोटों का भी उल्लेख किया।
सांसद निशिकांत दुबे की बैठक में अनुपस्थिति पर साहू ने बताया कि पोलैंड के प्रधानमंत्री के दौरे से संबंधित प्रोटोकॉल की जिम्मेदारी के कारण वह कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके।
भाजपा ने बैठक के जरिए रोजगार, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और आरक्षण के मुद्दों पर राज्य सरकार के खिलाफ जनसंपर्क तेज करने का संकेत दिया है। पार्टी अब इन मुद्दों को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन और पदयात्राओं के माध्यम से जनता तक पहुंचने की तैयारी में है.





