Home » रेखा आर्या के पति के फार्महाउस पर BDA की नजर, नक्शे को लेकर उठे सवाल

रेखा आर्या के पति के फार्महाउस पर BDA की नजर, नक्शे को लेकर उठे सवाल

by उर्वशी शेखर
0 comments

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के बीच विवाद के बाद बरेली स्थित एक फार्म हाउस भी जांच के दायरे में आ गया है। बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की शुरुआती जांच में सामने आया है कि फार्म हाउस का मानचित्र स्वीकृत नहीं कराया गया था। निर्माण को नियमित कराने के लिए आवेदन किया गया, लेकिन प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है।

Advertisement 1
Advertisement 2
Advertisement 3
Advertisement 4
Advertisement 5
Advertisement 5

यह फार्म हाउस बरेली-सीतापुर हाईवे पर लालपुर के पास करीब पांच एकड़ जमीन पर बना है। बताया जाता है कि बरेली प्रवास के दौरान रेखा आर्या यहां ठहरती थीं। प्राधिकरण ने संपत्ति से संबंधित फाइलों की जांच शुरू कर दी है। आगे मौके पर निर्माण का भौतिक सत्यापन भी किया जा सकता है।

कृष्णा-वैष्णवी कंपनी के नाम पर बना है फार्म हाउस

BDA के अधिकारियों के अनुसार, फार्म हाउस का निर्माण मेसर्स कृष्णा-वैष्णवी प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर कराया गया है। कंपनी की ओर से वर्ष 2024 में करीब 12 हजार वर्ग मीटर के निर्माण को नियमित कराने के लिए संशोधित कंपाउंडिंग मानचित्र का आवेदन दिया गया था। जांच के दौरान उसमें कमियां मिलीं, जिसके बाद आवश्यक सुधार करने और नए बिल्डिंग बायलॉज के अनुरूप आवेदन करने को कहा गया।

वर्ष 2025 में दोबारा कंपाउंडिंग के लिए आवेदन किया गया। फिलहाल इस पर इंजीनियरों की ओर से जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, फार्म हाउस का निर्माण लगभग 80 प्रतिशत पूरा होने के बाद रुक गया था। पिछले छह महीने से इसके मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है।

भतीजे और पत्नी के नाम कंपनी, अब शेयर को लेकर भी विवाद

बताया जाता है कि पप्पू गिरधारी रियल एस्टेट का कारोबार इसी कंपनी के माध्यम से करते रहे हैं। कंपनी में उनके भतीजे सत्येंद्र राठौर और पत्नी रेखा आर्या निदेशक के रूप में जुड़े थे। हालांकि, फरवरी में रेखा आर्या कंपनी के निदेशक पद से हट गई थीं।

16 से 17 अक्टूबर के बीच जारी एक वीडियो में पप्पू गिरधारी ने दावा किया था कि रेखा आर्या ने कंपनी में 110 करोड़ रुपये लगाकर हिस्सेदारी हासिल की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षरों के जरिए रेखा आर्या का इस्तीफा दिखाया गया। ये दावे पप्पू गिरधारी के आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

पत्नी की शिकायत के बाद चर्चा में आई संपत्ति

बीते 15 अक्टूबर को उत्तराखंड की बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति के खिलाफ उत्पीड़न की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने पप्पू गिरधारी की तलाश शुरू की। इसी दौरान बरेली-सीतापुर हाईवे के पास स्थित फार्म हाउस चर्चा में आया।

पप्पू गिरधारी मूल रूप से बरेली के जोगी नवादा के निवासी बताए जाते हैं। कई वर्ष पहले वह उत्तराखंड चले गए थे और बाद में रेखा आर्या से उनका विवाह हुआ। इसके बाद वह बरेली और उत्तराखंड में रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े रहे।

फार्म हाउस की फाइलों की जांच के बाद अब BDA निर्माण की वास्तविक स्थिति का मिलान संबंधित मानचित्र और नियमों से कर सकता है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप हुआ है या नहीं और नियमितीकरण के लिए दिए गए आवेदन पर क्या कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल प्राधिकरण की जांच जारी है। फार्म हाउस के निर्माण और मंजूरी से जुड़े अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।

You may also like

Leave a Comment