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पर्यावरण हित में राजीव लोचन बख्शी का अहम फैसला, त्योहारों पर पटाखे जलाने की समय-सीमा तय

by उर्वशी शेखर
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झारखंड में आगामी त्योहारों के दौरान वायु और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परिषद के सदस्य सचिव राजीव लोचन बख्शी ने दिवाली, छठ, गुरु पर्व, क्रिसमस और नववर्ष के दौरान पटाखे जलाने के लिए समय निर्धारित किया है। ये नियम राज्य के सभी 24 जिलों के शहरी क्षेत्रों में लागू होंगे। निर्धारित समय और मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

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परिषद ने अलग-अलग त्योहारों के लिए पटाखे चलाने की समय-सीमा निर्धारित की है। इसके तहत लोगों को तय अवधि के भीतर ही आतिशबाजी करने की अनुमति होगी।

  • दिवाली और गुरु पर्व: रात 8 बजे से 10 बजे तक।
  • छठ पर्व: सुबह 6 बजे से 8 बजे तक।
  • क्रिसमस और नववर्ष: रात 11:55 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक।

निर्धारित समय के बाहर पटाखे जलाने की अनुमति नहीं होगी। इन पाबंदियों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान आतिशबाजी से होने वाले प्रदूषण को सीमित करना है।

कम प्रदूषण वाले पटाखों के इस्तेमाल पर जोर

प्रदूषण नियंत्रण परिषद ने पटाखों के चयन में भी निर्धारित मानकों का पालन करने का निर्देश दिया है। आदेश के मुताबिक, संबंधित शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 0 से 100 के बीच, यानी अच्छी या संतोषजनक श्रेणी में रहने पर ही निर्धारित मानकों के अनुरूप पटाखे चलाए जा सकेंगे।

इसके साथ ही, ऐसे पटाखों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया है, जिनका ध्वनि स्तर 125 डेसिबल (A) से कम हो। इन मानकों का मकसद तेज आवाज से होने वाली परेशानी को कम करना और पर्यावरण पर आतिशबाजी के दुष्प्रभावों को सीमित करना है।

सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के आदेशों के आधार पर जारी निर्देश

परिषद की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका संख्या W.P. (Civil) No. 128/2015, अर्जुन गोपाल एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के मूल आवेदन संख्या O.A. No. 249/2020 का उल्लेख किया गया है।

आदेश के अनुसार, 1 दिसंबर 2020 को हुई सुनवाई के बाद दिए गए निर्देशों के अनुपालन में वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(ए) के तहत ये दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। राज्य के संबंधित जिलों में इनका पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

नियमों का उल्लंघन करने पर हो सकती है कार्रवाई

परिषद ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय और अन्य शर्तों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), वायु अधिनियम, 1981 की धारा 37, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 और अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई का उल्लेख किया गया है।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। त्योहारों के दौरान इन नियमों का पालन कर लोग उत्सव मनाने के साथ-साथ ध्वनि और वायु प्रदूषण को कम करने में भी योगदान दे सकते हैं।

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