Tuesday, October 6, 2026
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हार्निया के ऑपरेशन के बाद खिड़की से गिरा मरीज, इलाज के दौरान मौत; परिजनों ने अमृत अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप

by उर्वशी शेखर
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रांची के रिंग रोड स्थित अमृत अस्पताल में हार्निया का इलाज कराने पहुंचे एक मरीज की मौत के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे हैं। मृतक की पहचान अरुण कुमार गुप्ता के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों और प्रबंधन पर इलाज में कथित लापरवाही बरतने, हादसे की गंभीरता छिपाने और समय पर उचित उपचार नहीं देने के आरोप लगाए हैं।

परिजनों के अनुसार, अरुण कुमार गुप्ता को 21 सितंबर को हार्निया के ऑपरेशन के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के बाद कथित तौर पर वह अस्पताल की एक खिड़की से नीचे गिर गए। परिजनों का कहना है कि खिड़की का आकार बड़ा था और नीचे गिरने से मरीज के सिर व नाक में गंभीर चोट आई। शरीर के कई हिस्सों में चोट के साथ उनकी कुछ हड्डियां भी टूट गईं।

हादसे के बाद परिजनों को नहीं बताई गई पूरी जानकारी

मृतक के परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति की जानकारी नहीं दी। परिजनों के मुताबिक, उन्हें शुरुआत में बताया गया कि मरीज को मामूली चोट लगी है। उनका दावा है कि इस दौरान मरीज को लगातार दवाएं और बेहोशी के इंजेक्शन दिए जाते रहे।

परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती देखकर उन्होंने कई बार चिकित्सकों से स्थिति जानने की कोशिश की, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई। परिवार का आरोप है कि घटना की गंभीरता और मरीज की वास्तविक स्थिति को उनसे छिपाया गया।

हालत बिगड़ी तो दूसरे अस्पताल ले गए परिजन

परिजनों के मुताबिक, अरुण कुमार गुप्ता की स्थिति गंभीर होने के बाद उन्हें अमृत अस्पताल से पल्स अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों और बाद में सामने आई संक्रमण संबंधी जटिलताओं के बीच उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की

मौत के बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि यदि हादसे के तुरंत बाद सही जानकारी दी जाती और समय रहते उचित उपचार उपलब्ध कराया जाता, तो संभव है कि मरीज की जान बचाई जा सकती थी।

मामले में अमृत अस्पताल प्रबंधन से प्रतिक्रिया लेने पर अस्पताल की ओर से मरीज की मौत की पुष्टि की गई। प्रबंधन ने बताया कि अरुण कुमार गुप्ता को 21 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, हादसे और इलाज के दौरान कथित लापरवाही से जुड़े परिजनों के आरोपों पर अस्पताल की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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