एक्सट्रीम बार के डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक हत्याकांड की जांच में गंभीर कमियां मिलने पर झारखंड हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। मामले में सजा पाए 10 आरोपियों की अपील पर सुनवाई करते हुए अदालत ने रांची के एसएसपी को 4 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने यह भी पूछा है कि लापरवाही बरतने वाले अनुसंधान अधिकारी के खिलाफ विभागीय या कानूनी कार्रवाई हुई है या नहीं।

सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्यों के गायब होने और उनके सही तरीके से संकलन नहीं किए जाने पर सवाल उठाए.
निचली अदालत ने मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह उर्फ विक्की समेत 10 दोषियों को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत नौ-नौ साल की सजा सुनाई थी। सभी पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। दोषियों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।
26 मई 2024 को हुई थी हत्या
कडरू रोड स्थित एक्सट्रीम बार में 26 मई 2024 की देर रात डीजे संचालक संदीप प्रमाणिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच के मुताबिक, बार के कर्मचारियों से विवाद के बाद आरोपी अभिषेक सिंह अपने साथियों के साथ लौटा और संदीप को गोली मार दी। इसके बाद आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर मुख्य आरोपी समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मामले में अनुसंधान अधिकारी की भूमिका और पुलिस की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।






