इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत में वकीलों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। कोर्ट रूम नंबर 49 में नाराज अधिवक्ताओं ने जज के आसन की ओर कुर्सियां और फर्नीचर फेंके। न्यायमूर्ति भनोट इससे पहले ही आसन छोड़कर हट गए थे और सुरक्षित बाहर निकल गए।

विवाद की शुरुआत मंगलवार को हुई एक घटना से बताई जा रही है। आरोप है कि अदालत में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के बैठने की व्यवस्था को लेकर एक वकील और सरकारी अधिवक्ता के बीच विवाद हुआ। इसके बाद न्यायमूर्ति भनोट ने संबंधित वकील को फटकार लगाई और जेल भेजने की चेतावनी दी। एसपी से माफी मांगने के निर्देश तथा वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी श्रीवास्तव पर कथित टिप्पणी से भी वकीलों में नाराजगी बढ़ी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की और न्यायमूर्ति भनोट की अदालत के बहिष्कार की चेतावनी दी। बुधवार को विरोध प्रदर्शन के दौरान कोर्ट रूम में जमकर हंगामा हुआ। कुछ रिपोर्टों में जूता फेंके जाने का भी उल्लेख है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
न्यायमूर्ति अजय भनोट को 22 सितंबर 2017 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया था। उन्होंने 6 सितंबर 2019 को स्थायी न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। उनकी निर्धारित सेवानिवृत्ति तिथि 3 अगस्त 2031 है।
हैदराबाद से विश्वनाथ देहाती की रिपोर्ट






