भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत आज एक दिवसीय झारखंड दौरे पर पहुंचेंगे। इस दौरान वे देवघर और रांची में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। देवघर में राज्य स्तरीय विधिक सेवा सह-सशक्तीकरण शिविर का उद्घाटन उनके कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा होगा। इसके बाद वे रांची पहुंचकर झारखंड हाईकोर्ट के डेटा सेंटर का शुभारंभ करेंगे। दौरे को देखते हुए दोनों शहरों में सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल से जुड़ी तैयारियां की गई हैं।

देवघर के व्यवहार न्यायालय परिसर में आयोजित शिविर का आयोजन झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) और जिला प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के लीगल सर्विसेज कैंप मॉड्यूल के तहत किया जा रहा है। कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस चंद्रशेखर और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह सहित झारखंड हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश भी मौजूद रहेंगे।
शिविर के माध्यम से जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। CJI की मौजूदगी में पलामू और रांची के लीगल एड क्लिनिक का ऑनलाइन उद्घाटन होगा। इसके अलावा पीड़ितों को आर्थिक सहायता के चेक सौंपे जाएंगे। प्रोजेक्ट शिशु के लाभार्थियों और विभिन्न सरकारी योजनाओं के पात्र लोगों को भी लाभान्वित किया जाएगा।
देवघर में 10 स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन
CJI के काफिले की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए देवघर में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। शहर के 10 स्थानों पर रूट डायवर्ट रहेगा। यातायात सह सीसीआर डीएसपी लक्ष्मण प्रसाद के अनुसार, निर्धारित वीआईपी मार्ग पर भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। छोटी गाड़ियों को सामान्य रूप से चलने की अनुमति होगी, लेकिन काफिले के गुजरने से पहले कुछ समय के लिए उनका परिचालन भी रोका जाएगा।
भागलपुर और हंसडीहा की ओर से आने वाली बसों तथा व्यावसायिक वाहनों को चौपा मोड़ से हिंडोलावरण, तीरनगर और सारवां के रास्ते भेजा जाएगा। हिंडोलावरण से तपोवन होकर आने वाले भारी वाहनों को उजाला चौक पर रोकने की व्यवस्था की गई है। सुल्तानगंज की ओर से आने वाले वाहनों को कोठिया मोड़ से शहर में प्रवेश नहीं मिलेगा। उन्हें कनभटिया मोड़, रिखिया और मोहनपुर की ओर भेजा जाएगा।
इसी तरह रांची और गिरिडीह की ओर से आने वाले भारी वाहनों को प्रहलाद चौक से प्रवेश नहीं दिया जाएगा। रोहिणी शहीद द्वार और कोरियासा मोड़ पर भी प्रतिबंध रहेगा। सारठ और सारवां से आने वाले वाहनों को कर्णकोल मोड़ तथा मधुपुर से आने वाले भारी वाहनों को एयरपोर्ट मोड़ पर रोका जाएगा। रांगा मोड़ और गिधनी की ओर से आने वाली बसों तथा भारी वाहनों को जटाही मोड़ से बरमसिया जाने की अनुमति नहीं होगी। काफिले के गुजरने के बाद यातायात सामान्य कर दिया जाएगा।
एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक सुरक्षा के इंतजाम
मुख्य न्यायाधीश के साथ उनकी पत्नी सविता वशिष्ठ और सुप्रीम कोर्ट के अधिकारी व कर्मचारी भी झारखंड पहुंचेंगे। प्रतिनिधिमंडल में रजिस्ट्रार-कम-पीपीएस कुंतल शर्मा पाठक, असिस्टेंट रजिस्ट्रार (प्रोटोकॉल) अशोक कुमार शर्मा और लॉ क्लर्क-कम-रिसर्च एसोसिएट श्वेता शुक्ला शामिल हैं। सभी को राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया है। प्रशासन के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
देवघर एयरपोर्ट, हाईकोर्ट गेस्ट हाउस और व्यवहार न्यायालय परिसर तक सुरक्षा के विशेष प्रबंध किए गए हैं। प्रमुख स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। एयरपोर्ट के पांच किलोमीटर के दायरे में गश्ती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। काफिले के निर्धारित मार्गों और प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी की है। सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. सुषमा वर्मा के अनुसार, काफिले के साथ एंबुलेंस, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम रहेगी। अस्पताल में एक कमरा आपात चिकित्सा के लिए आरक्षित किया गया है। जरूरत पड़ने पर तत्काल उपलब्ध कराने के लिए रक्त की भी व्यवस्था की गई है।
शाम 3:45 बजे देवघर पहुंचेंगे CJI
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, न्यायमूर्ति सूर्यकांत दोपहर 3:45 बजे विशेष विमान से देवघर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। शाम 4 बजे वे बाबा बैद्यनाथ हाईकोर्ट गेस्ट हाउस जाएंगे, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद शाम 5:15 बजे व्यवहार न्यायालय परिसर में विधिक सेवा सह-सशक्तीकरण शिविर में शामिल होंगे। कार्यक्रम लगभग 55 मिनट का निर्धारित है।
शिविर के बाद शाम 6:35 बजे वे विशेष विमान से रांची के लिए रवाना होंगे। रांची में झारखंड हाईकोर्ट पहुंचकर वे आयोजित समारोह में हिस्सा लेंगे और हाईकोर्ट के डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे।
हाईकोर्ट के तकनीकी ढांचे को मिलेगी मजबूती
रांची में डेटा सेंटर का उद्घाटन CJI के दौरे का दूसरा प्रमुख कार्यक्रम है। इसे झारखंड हाईकोर्ट की तकनीकी व्यवस्था और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है। समारोह को लेकर हाईकोर्ट परिसर में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रतिनिधिमंडल के आगमन और कार्यक्रम के संचालन के लिए पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।









