छप्पन सेट में सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजित दुर्गोत्सव में धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक उल्लास का आकर्षक संगम देखने को मिला। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां भगवती की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इस अवसर पर झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय प्रसाद की पत्नी भी उपस्थित रहीं और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।

धार्मिक अनुष्ठानों के साथ राजश्री प्रोडक्शन की ओर से डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया गया। पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे श्रद्धालुओं ने संगीत की धुन पर डांडिया खेलकर उत्सव का आनंद लिया।
शाम 7:30 बजे आयोजित महाआरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने परिवार और समाज की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। आरती के बाद मां को चना, पूरी और हलवे का भोग लगाया गया तथा भक्तों के बीच प्रसाद बांटा गया।
समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे ने कहा कि मां दुर्गा की उपासना अन्याय के खिलाफ संघर्ष करने और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने पूजा को सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम बताया।
समिति अध्यक्ष गौतम कुमार दूबे ने कहा कि धार्मिक परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ समाज में एकता और सद्भाव बढ़ाना समिति की प्राथमिकता है। वहीं, संरक्षक कपिलदेव सिंह ने दुर्गोत्सव को सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक बताते हुए आयोजन में सहयोग देने वालों के प्रति आभार जताया।
पूजा समिति के आयोजन में धार्मिक विधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और श्रद्धालुओं की भागीदारी ने दुर्गोत्सव के माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया।






