Tuesday, October 6, 2026
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धनबाद : छाताबाद में भू-धंसान से 55 मकानों पर संकट! छह घर जमींदोज

by उर्वशी शेखर
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कतरास थाना क्षेत्र का छाताबाद बुधवार शाम एक बार फिर जमीन धंसने की घटना से दहल उठा। अचानक भू-धंसान के कारण करीब छह मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि लगभग 55 घर इसकी चपेट में आने की बात सामने आई है। कई मकानों की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और आसपास की सड़कों पर भी जगह-जगह जमीन फटने के निशान दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल है।

प्रशासन के स्तर पर सामने आई प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस घटना से करीब 500 लोग प्रभावित हुए हैं। खतरे को देखते हुए कई परिवार घर खाली कर जरूरी सामान लेकर सुरक्षित ठिकानों की ओर निकल रहे हैं। लोगों को आशंका है कि जमीन का धंसाव आगे भी बढ़ सकता है, जिससे और मकानों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है।

दो महीने में तीसरी बड़ी घटना से बढ़ी चिंता

छाताबाद में भू-धंसान की यह कोई पहली घटना नहीं है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इससे पहले 7 जुलाई और 7 अगस्त को भी इसी क्षेत्र में जमीन धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। बुधवार को तीसरी बार हुए बड़े भू-धंसाव ने इलाके के लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

ताजा घटना में कई मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि आसपास के दर्जनों घरों की संरचना प्रभावित हुई है। सड़कों पर उभरी दरारों और धंसाव के निशानों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। घरों में दरारें देख कई परिवारों ने वहां रहना जोखिम भरा समझते हुए अपना सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया है।

जिस सामुदायिक भवन में मिले थे विस्थापित, वह भी टूटा

पहले हुए भू-धंसाव के बाद जिन परिवारों को अस्थायी राहत के तौर पर सामुदायिक भवन में ठहराया गया था, वह इमारत भी अब जमीन धंसने से क्षतिग्रस्त होकर टूट गई है। इससे पहले से विस्थापन झेल रहे परिवारों के सामने सुरक्षित आश्रय की समस्या और गंभीर हो गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, कई प्रभावित परिवारों के पास फिलहाल सुरक्षित ठिकाना नहीं है। कुछ लोग खुले स्थानों में रहने को मजबूर हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण लोगों में अपने घरों में वापस लौटने को लेकर भी भय बना हुआ है।

पुनर्वास और भराई को लेकर BCCL से नाराजगी

प्रभावित लोगों ने BCCL प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूर्व में हुए समझौते के दौरान पुनर्वास, जमीन के सर्वे और प्रभावित क्षेत्रों में भराई जैसे कदम उठाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है।

स्थानीय पार्षद मो. शहाबुद्दीन ने बताया कि बुधवार की घटना से लगभग 500 लोग प्रभावित हुए हैं। उनके मुताबिक, लंबे समय तक चले आंदोलन के बाद BCCL की ओर से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और भू-धंसाव वाले इलाकों में आवश्यक भराई का भरोसा दिया गया था। बावजूद इसके समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया।

स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के साथ-साथ भू-धंसाव वाले क्षेत्रों का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे कराया जाए और आवश्यकतानुसार भराई का काम कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मौके पर पहुंचे CO, सुरक्षित स्थानों पर भेजने की तैयारी

घटना की सूचना मिलते ही बाघमारा के अंचल अधिकारी गिरजानंद किस्कु मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थानीय लोगों से जानकारी ली। सीओ ने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता लोगों को खतरे वाले क्षेत्र से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगहों पर स्थानांतरित करने के बाद BCCL प्रबंधन के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में भू-धंसाव की समस्या, प्रभावित परिवारों और आगे की आवश्यक कार्रवाई को लेकर चर्चा की जाएगी।

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