बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से झारखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। मंगलवार दोपहर के बाद राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। लातेहार में 12 मिमी, रांची में 9 मिमी और जमशेदपुर में 1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में सिस्टम के और मजबूत होने तथा उसके आगे बढ़ने से अगले तीन दिनों तक झारखंड में बारिश की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है। 23 सितंबर को रांची समेत 16 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की गई है।
दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पूर्वी झारखंड के कुछ इलाकों में आज भारी बारिश हो सकती है। दक्षिणी हिस्से के अलावा रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, बोकारो और धनबाद में भी भारी बारिश का अनुमान है। उत्तर-पूर्वी क्षेत्र में गिरिडीह, देवघर और जामताड़ा के कुछ हिस्से प्रभावित हो सकते हैं। इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की आशंका है।
24 सितंबर को दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में ज्यादा असर
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 24 सितंबर को बारिश का प्रभाव दक्षिण-पश्चिमी झारखंड में अधिक दिखाई देगा। सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। रांची, गुमला और खूंटी में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

इसके अलावा पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा और बोकारो में भी कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कुछ हिस्सों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान जताया गया है।
25 सितंबर को पलामू प्रमंडल में बढ़ेगी बारिश
25 सितंबर को मौसम का प्रभाव राज्य के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों की ओर शिफ्ट होने की संभावना है। पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के अलावा हजारीबाग, कोडरमा और गिरिडीह में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
कुल मिलाकर 23 से 25 सितंबर तक झारखंड में मौसम सक्रिय रहने वाला है। पहले दिन राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, दूसरे दिन दक्षिण-पश्चिमी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और तीसरे दिन उत्तर-पश्चिमी इलाकों में बारिश का जोर रहने का अनुमान है। लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।