Wednesday, October 7, 2026
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सहायक आचार्य नियुक्ति में 218 अभ्यर्थियों की डिग्री पर सवाल, निजी विश्वविद्यालयों के प्रमाणपत्रों की दोबारा होगी जांच

झारखंड में माध्यमिक सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया के बीच निजी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता पर विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

by उर्वशी शेखर
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झारखंड में माध्यमिक सहायक आचार्य की नियुक्ति प्रक्रिया के बीच निजी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों की शैक्षणिक योग्यता पर विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। नियुक्ति के लिए अनुशंसित 877 अभ्यर्थियों में से 218 उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों का फिर से सत्यापन कराया जाएगा। इन अभ्यर्थियों ने पांच निजी विश्वविद्यालयों से अलग-अलग पाठ्यक्रमों की डिग्री हासिल की है।

शिक्षा विभाग को इन प्रमाणपत्रों की मान्यता और वैधता को लेकर शिकायतें प्राप्त हुई थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह ने संबंधित दस्तावेजों की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। सत्यापन के दौरान यह भी देखा जाएगा कि जिन विश्वविद्यालयों से डिग्रियां जारी हुई हैं, उन्हें संबंधित नियामकीय संस्थाओं से मान्यता प्राप्त है या नहीं और संबंधित पाठ्यक्रम निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित किए गए थे या नहीं।

कई राज्यों के निजी विश्वविद्यालयों से ली गई डिग्री

जांच के दायरे में आए अभ्यर्थियों में ऐसे उम्मीदवार भी शामिल हैं, जिन्होंने झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों के निजी विश्वविद्यालयों से बीएड, एमएड और अन्य संबंधित शैक्षणिक योग्यताएं हासिल की हैं।

बताया गया है कि इन प्रमाणपत्रों में झारखंड के राधागोविंद विश्वविद्यालय और वाईबीएन विश्वविद्यालय सहित सिक्किम तथा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के निजी विश्वविद्यालयों से प्राप्त डिग्रियां शामिल हैं।

महिला पर्यवेक्षिका नियुक्ति के बाद बढ़ी सतर्कता

निजी विश्वविद्यालयों की डिग्री को लेकर विभाग की मौजूदा जांच का एक कारण हाल में सामने आया नियुक्ति से जुड़ा मामला भी है। 33 महिला पर्यवेक्षिकाओं की नियुक्ति में अनियमितता की शिकायतों के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई थी। उस प्रक्रिया में निजी विश्वविद्यालयों से शैक्षणिक योग्यता हासिल करने वाले उम्मीदवारों की संख्या उल्लेखनीय पाई गई थी।

इसके बाद माध्यमिक सहायक आचार्य भर्ती में भी ऐसे प्रमाणपत्रों की वैधता की अलग से पड़ताल कराने का निर्णय लिया गया है।

1373 पदों की भर्ती प्रक्रिया में अब प्रमाणपत्रों की जांच अहम

राज्य में माध्यमिक सहायक आचार्य के करीब 1373 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 877 अभ्यर्थियों की अनुशंसा जेएसएससी की ओर से की जा चुकी है। अब इन अनुशंसित उम्मीदवारों में शामिल 218 अभ्यर्थियों की निजी विश्वविद्यालयों से प्राप्त डिग्रियों का सत्यापन किया जाएगा।

जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संबंधित उम्मीदवार नियुक्ति की अगली प्रक्रिया में आगे बढ़ सकेंगे या नहीं। यदि किसी प्रमाणपत्र में मान्यता, वैधता या अन्य प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित अभ्यर्थी की उम्मीदवारी पर असर पड़ सकता है।

विभागीय स्तर पर फिलहाल प्रमाणपत्रों की प्रामाणिकता और शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता की पुष्टि को प्राथमिकता दी जा रही है। सत्यापन में सभी दस्तावेज सही पाए जाने के बाद ही नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

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