Thursday, October 8, 2026
Home » सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल, एंबुलेंस तक बाइक से पहुंची गर्भवती

सड़क की बदहाली ने खोली विकास की पोल, एंबुलेंस तक बाइक से पहुंची गर्भवती

by उर्वशी शेखर
0 comments

चतरा जिले के कुंदा प्रखंड के मरगड़ा गांव के भारती टोला में सड़क सुविधा की कमी ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी बन गई है। बुधवार को इसका दर्दनाक उदाहरण सामने आया, जब एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए पहले गांव से बाहर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ा। एंबुलेंस गांव तक नहीं आ सकी, लिहाजा परिजनों ने करीब दो किलोमीटर तक महिला को मोटरसाइकिल से खराब रास्ते के जरिए ले जाकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।

ग्रामीणों के मुताबिक, भारती टोला तक पक्की और सुगम सड़क नहीं होने का सबसे अधिक खामियाजा आपात स्थिति में भुगतना पड़ता है। गर्भवती महिलाओं के अलावा बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी इलाज के लिए गांव से मुख्य सड़क तक पहुंचाने में काफी कठिनाई होती है।

एंबुलेंस पहुंचने से पहले ग्रामीणों को खुद उठानी पड़ती है जिम्मेदारी

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार मरीज को चारपाई पर उठाकर या बाइक समेत दूसरे साधनों से मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। इसके बाद ही एंबुलेंस की सुविधा मिल पाती है। उनका कहना है कि सड़क के अभाव में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता का लाभ जरूरत के समय मरीजों तक समय पर नहीं पहुंच पाता।

ग्रामीणों ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भारती टोला तक जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क मिलने से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना संभव होगा और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति भी रोकी जा सकेगी।

साहिबगंज में भी सड़क के लिए ग्रामीणों का अनोखा विरोध

झारखंड के ग्रामीण इलाकों में सड़क की समस्या से जुड़ी ऐसी तस्वीरें लगातार सामने आती रही हैं। साहिबगंज के बोरियो प्रखंड स्थित पुआल गांव में भी ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। दशकों से पक्की सड़क की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कच्ची पगडंडी पर धान की रोपाई कर अपना विरोध दर्ज कराया और जल्द सड़क बनाने की मांग उठाई।

You may also like

Leave a Comment