झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रांची स्थित ईडी के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत में पेश हुए। बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोप गठन को लेकर सुनवाई होनी थी, लेकिन कार्यवाही पूरी नहीं हो सकी। अदालत ने अब अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। उस दिन सुबह 11.15 बजे आरोप गठन के बिंदु पर सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान हेमंत सोरेन की ओर से अदालत से कुछ और समय देने का आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय की ओर से मामले में दाखिल किए गए कई दस्तावेजों का अभी अध्ययन किया जाना बाकी है। उनका कहना था कि आरोप गठन से पहले इन दस्तावेजों को समझने और उन पर विचार करने के लिए उन्हें अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने अदालत के समक्ष एक अन्य व्यक्तिगत परिस्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि कैबिनेट मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी के निधन से वह बेहद व्यथित हैं और इस घटना का उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ा है। इसी आधार पर उन्होंने अदालत से सुनवाई आगे बढ़ाने का अनुरोध किया।

अदालत ने उनकी दलीलों पर विचार करने के बाद आरोप गठन की सुनवाई के लिए नई तारीख निर्धारित कर दी। इससे पहले अदालत हेमंत सोरेन की समय मांगने संबंधी याचिका को खारिज करते हुए 24 सितंबर को आरोप गठन पर सुनवाई की तारीख तय कर चुकी थी।
क्या है मामला?
यह मामला रांची के बड़गाईं अंचल की 8.86 एकड़ जमीन से संबंधित है। ईडी का आरोप है कि जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर इसे अवैध तरीके से हासिल करने की प्रक्रिया अपनाई गई। जांच एजेंसी ने इस पूरे मामले में जमीन के लेन-देन से जुड़े कथित वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलू की भी जांच की है। अब 30 सितंबर को होने वाली सुनवाई में अदालत आरोप तय करने के मुद्दे पर आगे की कार्यवाही करेगी।