झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार, 8 अक्टूबर को उनके पैतृक गांव नेमरा में किया जाएगा। पारिवारिक और पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोपहर 12 बजे पूरे सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी। बुधवार, 7 अक्टूबर को रांची के हिल व्यू अस्पताल में उनका निधन हो गया था।
झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह करीब 9 बजे रांची से नेमरा के लिए रवाना किया जाएगा। अंतिम दर्शन के बाद गांव में ही उनका अंतिम संस्कार संपन्न होगा। इसे लेकर परिजनों के साथ-साथ स्थानीय लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रूपी सोरेन लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रही थीं। तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनकी स्थिति गंभीर होने के बाद वेंटिलेटर पर रखा गया। इलाज के दौरान बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके निधन से सोरेन परिवार के साथ झामुमो में भी शोक का माहौल है। पार्टी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को परिवार और संगठन के लिए बड़ी क्षति बताया है। रूपी सोरेन झामुमो की केंद्रीय उपाध्यक्ष भी थीं और लंबे समय से पार्टी परिवार का हिस्सा रही थीं।
पिता शिबू सोरेन के निधन के बाद रूपी सोरेन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए परिवार में एक महत्वपूर्ण भावनात्मक सहारा थीं। मां के निधन के बाद हेमंत सोरेन ने उन्हें भावुक श्रद्धांजलि दी। अब वह अपने पैतृक गांव नेमरा में मां को अंतिम विदाई देंगे।
नेमरा सिर्फ सोरेन परिवार का पैतृक गांव ही नहीं, बल्कि शिबू सोरेन और झारखंड आंदोलन से जुड़ी कई स्मृतियों का केंद्र भी रहा है। इसी गांव की धरती पर रूपी सोरेन की अंतिम यात्रा पूरी होगी। परिवार, समर्थकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।