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झारखंड के वित्त मंत्री और छतरपुर विधायक राधाकृष्ण किशोर सोमवार देर रात अचानक सड़क पर उतरकर वाहनों की जांच करते नजर आए। करमाकला पेट्रोल पंप के समीप उन्होंने मौके पर बैठकर छतरपुर मुख्य मार्ग से गुजरने वाले वाहनों की जांच शुरू की। इस दौरान ओवरलोड और जरूरी दस्तावेज नहीं रखने वाले तीन वाहनों को पकड़ा गया।
मंत्री ने कार्रवाई के बाद तीनों वाहनों को छतरपुर थाना पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए वाहनों में कोयला और छरी-पत्थर लदे वाहन शामिल बताए गए हैं।
कार्रवाई की खबर फैलते ही थम गया वाहनों का परिचालन
बताया गया कि राधाकृष्ण किशोर के अचानक वाहन जांच शुरू करने की जानकारी शुरुआत में वाहन चालकों को नहीं थी। जैसे-जैसे कार्रवाई की सूचना आसपास फैली, मुख्य मार्ग से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों की आवाजाही अचानक कम हो गई। इसके चलते पुलिस और प्रशासन की टीम केवल तीन वाहनों को ही पकड़ सकी।
जांच के दौरान जीएसटी विभाग के कर्मचारियों के साथ कई संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे। सूचना मिलने पर छतरपुर थाना प्रभारी सौरभ चौबे भी मौके पर पहुंचे और जब्त वाहनों को थाना परिसर भेजा गया।
राजस्व नुकसान की शिकायत के बाद मंत्री ने खुद संभाला मोर्चा
सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्री को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि छतरपुर मुख्य मार्ग से बड़ी संख्या में ओवरलोड कोयला, छरी और पत्थर लदे वाहन गुजरते हैं। वाहनों की नियमित जांच नहीं होने के कारण सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई थी। इसी सूचना के बाद मंत्री ने बिना किसी पूर्व सूचना के क्षेत्र में पहुंचकर स्वयं जांच की। उन्होंने थाना प्रभारी से बातचीत कर इलाके में वाहनों की नियमित जांच सुनिश्चित करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि नियमों को ताक पर रखकर वाहनों का संचालन और निगरानी में लापरवाही दोनों ही स्थिति में सरकार के राजस्व पर असर पड़ता है। उन्होंने ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार कार्रवाई की जरूरत बताई।
पहले भी रात में की थी कार्रवाई
राधाकृष्ण किशोर इससे पहले भी छतरपुर क्षेत्र में रात के समय वाहनों की जांच कर चुके हैं। उस दौरान उन्होंने कथित तौर पर मोरम और मिट्टी की ढुलाई कर बिहार ले जा रहे कुछ वाहनों को पकड़ा था और उन्हें पुलिस के हवाले किया था।
सोमवार रात की ताजा कार्रवाई के बाद क्षेत्र में ओवरलोड वाहन संचालकों के बीच हलचल बढ़ गई है। अब प्रशासन की नियमित जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर वाहन कारोबारियों की नजर बनी हुई है।