Tuesday, October 6, 2026
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आरोपियों के बचाव में थाने तक पहुंचे परिजन, शिकायतकर्ता ने खोली FIR की फाइल

by उर्वशी शेखर
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सुखदेव नगर थाना क्षेत्र में मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी के गंभीर आरोपों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में शिकायतकर्ता आलोक तिर्की ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि 17 अगस्त की रात उनके साथ कुछ युवकों ने मारपीट की, पिस्टल और अन्य हथियार दिखाकर धमकाया तथा सोने की चेन और नकदी छीनने का प्रयास किया। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले में आरोपियों के परिजनों पर पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए थाने में हंगामा करने का भी आरोप लगाया है।

शिकायत में आलोक तिर्की ने बताया है कि 17 अगस्त 2026 की रात करीब 10 बजे वह अपने मित्र देव कुमार वर्मा के साथ आनंद नगर, बजरंगबली मंदिर के पास पहुंचे थे। इसी दौरान कथित तौर पर आर्यन मेहता समेत कई लोग वहां पहुंचे और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने कथित तौर पर पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और लाठी-डंडे तथा लोहे की रॉड से हमला किया।

शिकायतकर्ता का दावा है कि हमले के दौरान उनके सिर और शरीर के विभिन्न हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान उनके गले से करीब 8 ग्राम सोने की चेन और जेब से करीब 3,500 रुपये निकाल लिए गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मौके पर पुलिस की PCR गाड़ी पहुंचने के बाद उनकी जान बच सकी।

‘परिजनों ने थाने में किया हंगामा’

आलोक तिर्की के अनुसार, घटना के बाद जब पुलिस मामले की जांच कर रही थी, तब आरोपियों के परिजन कथित तौर पर सुखदेव नगर थाने पहुंचे और हंगामा किया। शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि आरोपियों को बचाने के उद्देश्य से मीडिया के सामने घटना को लेकर अलग कहानी पेश की गई और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को गलत बताया गया।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि आरोपियों के परिजनों द्वारा मीडिया के सामने दिए गए बयान तथ्यों से मेल नहीं खाते। उनका कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए घटनास्थल के CCTV फुटेज, PCR रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और पूर्व के पुलिस रिकॉर्ड की जांच जरूरी है।

आलोक तिर्की ने अपने आवेदन के साथ आरोपियों के खिलाफ पूर्व में दर्ज मामलों का भी उल्लेख किया है। दस्तावेज में आर्यन मेहता, ‘मिक्की’ तथा अंश राज वर्मा समेत कुछ नामों का उल्लेख करते हुए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज FIR का हवाला दिया गया है।

शिकायत में दिए गए विवरण के अनुसार:

लालपुर थाना : FIR संख्या 197/24, दिनांक 15 अगस्त 2024 – मारपीट और चाकूबाजी से जुड़ा मामला बताया गया है।

कोतवाली थाना : FIR संख्या 0148, दिनांक 3 जून 2025 – चेन छिनतई, करीब 48 हजार रुपये और सोने की अंगूठी से संबंधित आरोपों का उल्लेख है।

पंडरा थाना : FIR संख्या 0109, दिनांक 26 मार्च 2026 – दस्तावेज में बंदूक, तलवार, लाठी-डंडे और ईंट-पत्थर से कथित हमला, फायरिंग तथा सोने की चेन छिनतई जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है।

सुखदेव नगर थाना : FIR संख्या 0238, दिनांक 13 जुलाई 2026 – मारपीट और चेन छिनतई से संबंधित मामला बताया गया है।

हालांकि, FIR दर्ज होना किसी व्यक्ति के अपराधी होने या आरोप सिद्ध होने का अंतिम प्रमाण नहीं है। इन मामलों में अदालत का अंतिम निर्णय अलग तथ्य है। इसलिए पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी।

पुलिस से CCTV और पुराने रिकॉर्ड की जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने पुलिस से घटनास्थल और आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित करने, PCR वाहन और पुलिस नियंत्रण कक्ष के रिकॉर्ड की जांच करने तथा मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने की मांग की है। साथ ही आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच करने का अनुरोध किया गया है।

आवेदन में शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि यदि घटना में इस्तेमाल हथियार बरामद होते हैं तो उन्हें जब्त किया जाए और मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल किया जाए।

मामले में अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण है। एक तरफ शिकायतकर्ता ने हमला, लूट और जान से मारने की धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं आरोपियों के परिजनों की ओर से लगाए गए कथित प्रत्यारोपों की भी जांच आवश्यक है। पूरे विवाद में CCTV फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, PCR रिकॉर्ड और संबंधित FIR की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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